एक ओर पृथ्वी पर कोरोना महामारी फैली हुई है, जिससे पूरी दुनिया परेशान है। वहीं दूसरी ओर आसमान से धरती की तरफ एक बड़ी आफत तेजी से बढ़ रही है। धरती की ओर तेजी से आ रही ये आफत एक विशालकाय एस्टेरॉयड यानी उल्कापिंड है। इस ऐस्टरॉइड के बारे में नासा ने बताया कि इसका आकार एफिल टॉवर जितना बड़ा है। वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड का नाम 4660 Nereus रखा है। कहा जा रहा है कि ये एस्टेरोइड 4 मील प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है।
नासा के मुताबिक 11 दिसंबर तक ये विशाल एस्टेरोइड धरती के ऑर्बिट से टकरा सकता है, जिसकी वजह से धरती पर भारी तबाही आ सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये एस्टेरोइड पृथ्वी के बेहद नजदीक से गुजरेगा। इस दौरान अगर पृथ्वी की ग्रेविटी ने इस एस्टेरोइड को अपनी ओर खींच लिया, तो धरती पर भारी तबाही मच जाएगी।
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आसमान से धरती की ओर आ रही बड़ी तबाही (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
फिलहाल नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती से टकराने के चान्सेस काफी कम हैं। नासा के मुताबिक ये एस्टेरोइड पृथ्वी से जितनी दूरी चांद की है उससे 10 गुना ज्यादा दूर से गुजरेगा। फिर भी नासा ने इसे खतरा मान रहा है। वहीं कहा जा रहा है कि जिस रफ्तार से एस्टेरॉयड पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है उस हिसाब से ये अगले हफ्ते तक ऑर्बिट के नजदीक पहुंच जाएगा।
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आसमान से धरती की ओर आ रही बड़ी तबाही (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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एस्टेरॉयड 4660 Nereus की लंबाई 330 मीटर है। इसे 28 फरवरी 1982 में खोजा गया था। तभी से नासा और जापानी स्पेस एजेंसी JAXA इसपर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल वैज्ञानिक किसी भी तरह की घटना को होने से रोकने की पूरी कोशिश में जुटे हैं।
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आसमान से धरती की ओर आ रही बड़ी तबाही (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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वैज्ञानिकों का कहना है कि Nereus दोबारा 2 मार्च 2031 को पृथ्वी के पास से होकर गुजरेगा। इसके बाद ये नवंबर 2050 को फिर से धरती के करीब आएगा। इसके 10 साल बाद फिर से फरवरी 2060 में पृथ्वी के करीब पहुंचेगा।