Mystery of Moon: चांद पर रहस्यमयी गड्ढों (क्रेटर) को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं। अब वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर एक क्रेटर के निर्माण को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि इसके निर्माण में एक अनोखे क्षुद्रग्रह का हाथ है। यह क्षुद्रग्रह वर्तमान समय में सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। हालांकि, यह कभी भी चंद्रमा से टकराया नहीं है। वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में माना है कि चंद्रमा पर बने इस क्रेटर के निर्माण के लिए एक चट्टान जिम्मेदार है। बीते कई सालों से यह रहस्य बनी हुई थी।
Moon: अंतरिक्ष में घूम रही रहस्यमयी चट्टान को लेकर चौंकाने वाला खुलासा, जानिए क्या है चंद्रमा से संबंध
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सिंघुआ विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री यिफेई जिओ के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ने एक संकेत दिया है। इसके मुताबिक, चंद्रमा की एक भूवैज्ञानिक हिस्से से यह चट्टान टूटी थी। इसे जियोर्डानो ब्रूनो क्रेटर के रूप में जाना जाता है। वैज्ञानिकों ने इस क्रेटर का नाम 16वीं सदी के इतालवी ब्रह्मांड संबंधी सिद्धांतकार के नाम पर रखा था।
नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में एक शोध प्रकाशित किया गया है। इसमें शोधकर्ताओं ने लिखा है कि उन्होंने टकराव से प्रेरित चंद्र टुकड़ों के धरती के सह-कक्षीय अंतरिक्ष में स्थानांतरित होने की प्रक्रियाओं की खोज की है। कुछ लाख साल पहले जिओर्डानो ब्रूनो क्रेटर का निर्माण हुआ था। इससे कामो ओलेवा के संभावित रूप से बनने की बहुत संभावना है।
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शोधकर्ताओं ने बताया कि अंतरिक्ष में एक खास क्षुद्रग्रह को सीधे चंद्रमा पर उसके स्रोत क्रेटर से जोड़ेगा। इसके साथ ही चंद्र सामग्री से बने ज्यादा छोटे क्षुद्रग्रहों के निर्माण का सुझाव देगा, जो अभी भी धरती के निकट अंतरिक्ष में खोजे जाने हैं। सालों से खगोलविद अंतरिक्ष चट्टान से आकर्षित होते रहे हैं, क्योंकि यह धरती जैसी कक्षा में सूर्य की परिक्रमा कर रहा है। इसके साथ ही लाखों सालों तक वहां स्थिर रहने की संभावना है।
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शोधकर्ताओं ने कहा कि यह चट्टानी टुकड़ा कभी चंद्रमा का हिस्सा रहा होगा। स्पेक्ट्रम विश्लेषण के मुताबिक, यह चट्टान चंद्रमा की संरचना से भी पूरी तरह मिलती है। कम्प्यूटर मॉडल से शोधकर्ताओं ने पता किया एक टकराव से कामो' ओलेवा चंद्रमा से अलग हुआ होगा और उससे 12 मील का क्रेटर बना होगा। उन्होंने कहा कि चंद्रमा का जियोर्डानो क्रेटर इस गणना में सही पाया गया है। यह क्रेटर और चट्टान एक करोड़ साल पहले अगल हुए होंगे।