ग्लोबल वार्मिंग के कारण धरती के भीतर लगातार हलचल बढ़ते ही जा रही है। ऐसे में भूकंप और बाढ़ जैसी एक से बढ़कर एक प्राकृतिक आपदाएं सामने आ रही हैं। अब इन आपदाओं को ध्यान में रखकर विशेषज्ञ ऐसे घरों को बनाने पर जोर दे रहे हैं, जिसमें लोहे-सीमेंट का कम इस्तेमाल होने के बावजूद भी ज्यादा टिकाऊ हो। क्योंकि ऐसे घरों से पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता है। आपको बता दें कि डेनिश द्वीप लइसो में समुद्री शैवाल ईलग्रास से एक खास तरह का घर बनाया जाता है। इन घरों में ना ही कभी जंग लगता है और ना ही कीड़े लगने का डर होता है। भूकंप जैसी आपदा में भी ईलग्रास से बने घर मजबूती से टिके रहते हैं। डेनमार्क के लइसो द्वीप में ऐसे कई घर बने हुए हैं। समुद्री शैवाल के इस्तेमाल से बने ये घर कई पीढ़ियों तक टिकते हैं। 17वीं सदी से ही इस तरह अनोखे घर बनाए जा रहे हैं।
अजब-गजब: कहानी समुद्री घास से बने उस घर की, जो ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में करती है मदद
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नवनीत राठौर
Updated Fri, 11 Jun 2021 09:32 PM IST
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