अल-अक्सा मस्जिद इस समय इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच हो रहे हिंसक झड़पों का अखाड़ा बनी हुई है। कहा जाता है कि मक्का और मदीना के बाद यही वह मस्जिद है, जिसे मुसलमान सबसे ज्यादा पवित्र मानते हैं। आरोप है कि यहूदियों पर फिलिस्तीनियों ने हमला किया, जिसके बाद से ये सारा विवाद शुरु हुआ। इसके बाद यहूदी संगठन ने अरब मुर्दाबाद नारेे लगाते हुए मार्च निकाला, जिसके चलते तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया। इसी बीच फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास और इस्राइली सेना के बीच कई सारी हिंसक झड़पें देखने को मिल रहीं हैं। आतंकी संगठन हमास इस्राइल के ऊपर जानलेवा हमले कर रहा है, तो दूसरी तरफ इस्राइली सेना भी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में लगी हुई है। इन हमलों में कई बेकसूर लोगों की जानें जा रहीं हैं।
2 of 6
अल-अक्सा मस्जिद
- फोटो : Pixabay
ऐसे में आइए जानते हैं अल-अक्सा मस्जिद के इतिहास के बारे में, जिसको लेकर आज इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच एक गहरा तनाव देखने को मिल रहा है। अल-अक्सा मस्जिद लंबे समय से विवादित रही है। यहूदियों का कहना है कि जिस जगह पर आज अल-अक्सा मस्जिद है वहां पर उनका कभी मंदिर था, जिसे मुसलमानों ने खंडित करके यहां पर अपना मस्जिद बना लिया। ऐतिहासिक तथ्यों की मानें तो 957 ई.पू साल पहले यहूदियों ने यरुशलम में अपना पहला यहूदी मंदिर का निर्माण करवाया था। इसके बाद उन्होंने अपना दूसरा यहूदी मंदिर 'टेंपल माउंट' करीबन 352 ईसा पूर्व में बनाया, जिसे रोमन साम्राज्य ने पहली सदी में तबाह कर दिया। काफी समय बीतने के बाद करीबन सातवीं शताब्दी में यरुशलम पर मुस्लिम आक्रमण हुआ और मुस्लिमों ने उनके मंदिरों को खंडित कर दिया।
3 of 6
अल-अक्सा मस्जिद
- फोटो : सोशल मीडिया
यहूदियों केे मुताबिक, उनके दूसरे मंदिर 'टेंपल माउंट' जिसका निर्माण उन्होंने चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में करवाया था। उस मंदिर को खंडित कर उसके ऊपर मुस्लिमों ने अपना मस्जिद अल-अक्सा का निर्माण करवाया। इसी वजह से यहूदी लोग इस अल-अक्सा मस्जिद की पश्चिमी दीवार को पूजते हैं। यह दोनों समुदाय लंबे समय से इस धार्मिक स्थल को लेकर लड़ते आ रहे हैं। इसी कारण से अल-अक्सा मस्जिद लंबे समय से विवाद का कारण बनी हुई है।
वहीं दूसरी तरफ कहा जाता है कि सातवीं शताब्दी में देवदूत जिब्राइल के साथ पैगंबर हजरत मोहम्मद ने सबसे दूर की मस्जिद जाने के लिए बुर्राक नामक जानवर पर बैठ कर यात्रा की थी। इस यात्रा में वह अल-अक्सा मस्जिद में पहुंचे थे। शुरुआत में मुस्लमान इसी मस्जिद की ओर मुंह करके नमाज पढ़ा करते थे।
बाद में अल्लाह के मिले संदेश पर वे मक्का के काबा की तरफ होकर अपनी नमाज अदा करने लगे। कहा जाता है कि इस जगह से पैगंबर हजरत मोहम्मद जन्नत को गए थे। अल-अक्सा मस्जिद का उल्लेख मुस्लिमों की पाक किताब कुरान शरीफ में भी मिलता है। माना यह जाता है कि यहीं से इस्लाम धर्म की शुरुआत हुई थी। यह मस्जिद करीब 35 एकड़ भूमि में फैली हुई है।