अमेरिका में कोरोना संकट के बीच अब चमगादड़ों की वजह से पांच लोगों की जान चली गई है। अमेरिका के प्रमुख चिकित्सा संस्थान सेंटर्स फॉर डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की तरफ से चेतावनी जारी की गई है। इन पांच लोगों की मौत बीते साल रैबीज (Rabies) की वजह से हुई थी। रैबीज की बीमारी अमेरिकी में समाप्त हो चुकी है। साल में करीब दो से तीन मामले सामने आते हैं, लेकिन किसी की मौत नहीं होती है। अब आपके दिमाग में सवाल खड़ा हो रहा होगा कि रैबीज बीमारी तो कुत्ते के कांटने से होती है, तो इसका चमगादड़ से क्या संबंध है। आईए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है?
अजब-गजब: अमेरिका में चमगादड़ों की वजह से 5 लोगों की मौत, जारी की गई ये खतरनाक चेतावनी
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पांच हफ्तों के अंदर जिन तीन लोगों की मौत हुई थी उनमें एक बच्चा भी शामिल था। मरने वाले सभी लोगों में चमगादड़ से संक्रमण पहुंचा था। 28 सितंबर से लेकर 3 नवंबर के बीच इन लोगों की मौत हुई थी। सीडीसी के मुताबिक, जिन तीन लोगों की मौत हुई थी उनमें संक्रमण के बाद या पहले लगाई गई वैक्सीन के बाद नजर वाले पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफाइलेक्सिस (PEP) के लक्षण भी देखने को नहीं मिले थे। इन मौतों के बाद सीडीसी ने अमेरिका में चेतावनी जारी की है। इसके अलावा जागरुकता के लिए सूचनाएं भी दी गई हैं।
कुत्तों के अलावा चमगादडों से भी रैबीज फैल सकता है। जिन चमगादडों से रैबीज फैलता है उन्हें रैबिड बैट्स (Rabid Bats) कहा जाता है। सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2007 से चमगादड़ों से फैलने वाले रैबीज के केस बेहद कम थे जबकि साल 2019 और 2020 में रैबीज के एक भी केस नहीं आए थे। लेकिन बीते साल रैबीज से 5 लोगों की मौत के बाद सीडीसी हैरत में पड़ गया है। सीडीसी ने कहा कि लोगों में इसको लेकर जानकारी नहीं होने की वजह से ऐसा हो रहा है।
नर्वस सिस्टम पर असर डालने वाले वायरस की वजह से रैबीज की बीमारी होती है। रैबिड जानवरों के काटने या खरोंच देने से रैबीज संक्रमण फैलता है। कुत्ते, लोमड़ियां, चमगादड़, रकून, स्कंक जैसे जानवरों की वजह से रैबीज फैलता है। अमेरिका में एक साल में 60 हजार लोगों को रैबीज की वैक्सीन दी जाती है जिससे लोग इस संक्रमण का शिकार न हो और न ही उनकी मौत हो।
अमेरिका में 70 प्रतिशत रैबीज संक्रमण के मामले चमगादड़ों की वजह से आते हैं। सीडीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोगों को चमगादड़ों के पास नहीं जाना चाहिए उनसे दूर रहना चाहिए। अगर कोई चमगादड़ दिखता है, तो तुरंत इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग या जानवर नियंत्रण सेंटर को दें।