किसी बंदूक या राइफल को अगर कोई शख्स म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट का रूप दे दे और उससे संगीत निकालकर दिखाए, तो हर किसी को हैरानी होगी। कुछ ऐसा ही काम इन दिनों एक आर्टिस्ट कर रहा है। यह शख्स बेकार पड़े हथियारों को वाद्य यंत्र में बदलकर शांति का संदेश देना चाहता है। उनके इस अनोखे काम और इसके पीछे की सोच को जानकर हर कोई तारीफ कर रहा है।
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बेकार हथियारों से वाद्य यंत्र
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, निकोला मैक्यूरा नामक ये शख्स सर्बिया के रहने वाला है। निकोला मैक्यूरा नोवी साद एकेडमी ऑफ आर्ट्स में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। आपको ये बात तो जरूर पता होगा कि सर्बिया वर्षों से युद्धग्रस्त रहा है। ऐसे में वहां रॉकेट लांचर सहित बेकार हो चुके हथियारों का बहुत बड़ा डंपिंग ग्राउंड है। इस डंपिंग ग्राउंड में निकोला मैक्यूरा हर सप्ताह घूमते हैं और फेंकी हुई रायफल, हेलमेट, मिसाइल्स ढूंढकर अपने स्टूडियो ले आते हैं।
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बेकार हथियारों से वाद्य यंत्र
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डंपिंग ग्राउंड से लाए गए बेकार समानों को निकोला मैक्यूरा किसी वाद्य यंत्र में बदल देते हैं। 42 वर्षीय निकोला विनाश करने वाले हथियारों पर अपनी क्रिएटिविटी दिखाने लगे, तो इंटरनेट पर इनका आर्ट वायरल हो गया।
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बेकार हथियारों से वाद्य यंत्र
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निकोला मैक्यूरा एक खास प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं। वो आर्मी टैंक को भी एक विशेष वाद्य यंत्र में बदलना चाहते हैं। वो टैंक पर एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट बनाना चाहते हैं जिसे पांच संगीतकार बजा सकें।
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हथियारों का ऑर्केस्ट्रा बनाना सपना
निकोला मैक्यूरा हथियारों से एक पूरा ऑर्केस्ट्रा बनाना चाहते हैं। इतना ही नहीं इस ऑर्केस्ट्रा में जंग लड़ चुके सैनिकों को वे ट्रेनिंग देकर म्यूजिशियन के रूप में रखना चाहते हैं। यानी जंग लड़ चुके सैनिक इन्हीं हथियारों से स्वर लहरियां निकालेंगे। निकोला मैक्यूरा का ये ऑर्केस्ट्रा देशभर में भ्रमण कर स्वर लहरियां के माध्यम से यह संदेश देंगे कि गीत बनते रहे, संगीत बनता रहे बस ये युद्ध की रीत ना रहे।