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'हिममानव' का रहस्य जल्द होगा उजागर, यहां चल रहा गंभीर शोध

Thu, 30 Nov 2017 09:43 AM IST
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी
amarujala.com, Presented by: राजेश सैनी Updated Thu, 30 Nov 2017 09:43 AM IST
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These samples reveals the truth of the yeti
yeti
बहुत जल्द 'हिममानव' से जुड़े रहस्य से पर्दा उठने वाला है। इसके लिए एक विश्वविद्यालय में शोधकार्य शुरू कर दिया गया है। अभी तक जिन सैम्पल के आधारों पर येती के होने के दावे किए जाते रहे हैं, शोधकर्ताओं ने उन्हें टेस्ट के लिए लिया है। इसमें कुछ बाल, एक हड्डी है। साथ ही येती के पदचिन्हों को भी जांच का आधार बनाया गया है।
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आपको बताना चाहेंगे कि सदियों से हिममानव यानी 'येती' के होने के दावे किए जाते रहे हैं। समय-समय पर लोगों ने धरती पर येती के होने की बात को कबूला है। यहां तक कि कई लोगों ने प्रमाण भी दिए कि वह ऊंचे-बर्फीले पहाड़ों पर रहते है। कई शेरपा भी इस बारे में लोगों को इनके किस्से-कहानियां सुनाते रहे हैं। 
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demo
एक पर्वतारोही 'एडमंड हिलेरी' ने अपनी हिमालय यात्रा के दौरान बर्फ के पहाड़ पर बड़े-बड़े पदचिह्न देखे थे। वह उन्हें देखकर हैरान रह गई थी क्योंकि वह किसी साधारण इंसान के पैर के साइज से कहीं बड़े निशान थे।

​उन्हे लगा ये उसी रहस्यमयी जीव के पैरों के निशान थे, जैसा किस्से कहानियों में उन्हें सुनने को मिला था। इसलिए उन्होंने इसकी तस्वीरें खींचकर दुनिया के सामने पेश कर दी। इसके बाद तो येती की खोज और भी ज्यादा तेज हो गई। लेकिन हकीकत ये है कि अभी तक इनके होने का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है।
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yeti hair
इधर, बफेलो विश्वविद्यालय की रिसर्च में इस रहस्य से जल्द पर्दा उठाए जाने की बात की जा रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि जिन सैम्पल को लेकर लोग येती के होने के दावे करते रहे हैं वह एक भूरे भालू के बाल हो सकते हैं।

तिब्बत में बर्फ के पहाड़ों पर मिले इन सैम्पल की जांच के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। शोधकर्ताओं ने बालों को DNA परीक्षण व हड्डी के टुकड़े की जांच के लिए लिया है। वैज्ञानिकों का मत है कि ये ध्रुवीय भालुओं से काफी कुछ मिलते-जुलते हैं। 
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Himalayan brown bear
ये जानकारी भी मिली है कि भालू की इस प्रजाती का अस्तित्व केवल भारत में हिमालय पर्वतश्रृंखला तक ही सिमटकर रहा है। अब यह प्रजाती खतरे में है। इसलिए इसके बारे में ज्यादा जानकारी जुटाई नहीं जा सकती। इसलिए जांच में थोड़े चैलेंज भी हैं। इसी के साथ अब एक बार फिर इस मसले पर बहस तेज हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले ब्रिटिश वैज्ञानिक शोध में इस बात का जिक्र किया गया था कि हिमालय के मिथकीय हिम मानव 'येति' भूरे भालुओं की ही एक उप-प्रजाति के हो सकते हैं। उन्होंने इन नमूनों के परीक्षण के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है। कहा ये भी जा रहा है कि येती ध्रुवीय भालू और भूरे भालू का संकर हो सकते हैं। बिना प्रमाण के येति के रहस्य से पर्दा उठाना कुछ विवादास्पद था। इसलिए अब तक ऐसा नहीं किया जा सका। 
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