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Gogoro: ताइवान की कंपनी गोगोरो ने भारत में शुरू की बैटरी-स्वैपिंग पायलट सर्विस, ईवी मालिकों को होगा ये फायदा
Thu, 03 Nov 2022 05:44 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 03 Nov 2022 05:44 PM IST
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गोगोरो बैटरी स्वैपिंग
- फोटो : gogoro india
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ताइवान स्थित बैटरी-स्वैपिंग कंपनी Gogoro (गोगोरो) ने गुरुवार को देश में अपनी बैटरी स्वैपिंग पायलट सर्विस शुरू करने के लिए भारत के ईवी-एस-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म Zypp Electric के साथ B2B साझेदारी का एलान किया। दोनों कंपनियों की योजना बैटरी की अदला-बदली (बैटरी स्वैपिंग) का इस्तेमाल करते हुए अंतिम छोर तक डिलीवरी में तेजी लाने की है। यह पायलट सर्विस दिसंबर में दिल्ली में चालू होगी और इसमें गोगोरो नेटवर्क के गोस्टेशन, स्मार्ट बैटरी और स्कूटर शामिल होंगे।
गोगोरो बैटरी स्वैपिंग
- फोटो : gogoro india
कंपनी का दावा है कि गोगोरो बैटरी स्वैपिंग स्टेशन वेदरप्रूफ हैं और रोजाना 200 से ज्यादा बैटरी की स्वैपिंग (अदला-बदली) कर सकते हैं। ये स्टेशन मॉड्यूलर होंगे ताकि ये अलग-अलग जगहों पर फिट हो सकें। उन्हें 64 घंटे तक आत्मनिर्भर होने का भी दावा किया जा रहा है ताकि बिजली जाने पर भी वे काम कर सकें। कंपनी का कहना है कि इस तकनीक से बैटरी की अदला-बदली में सिर्फ 6 सेकेंड का समय लगेगा। यानी आइए, बैटरी स्वैप कीजिए और जाइए।
बैटरी स्वैपिंग गोगोरो
- फोटो : gogoro
इन स्टेशनों में टिकाऊ स्मार्ट बैटरियां होंगी जो एक सॉफ्टवेयर के साथ आएंगी जो हार्डवेयर का प्रबंधन कर सकती है और लगातार जांच भी कर सकती है कि बैटरी कैसे काम कर रही है। और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करती है। गोगोरो स्मार्ट बैटरी 10,000 किलोग्राम भार उठा सकती है।
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गोगोरो बैटरी स्वैपिंग
- फोटो : gogoro
इस पायलट प्रोजेक्ट के नतीजों का इस्तेमाल कर, गोगोरो भारत में अपने कामकाज का विस्तार करेगी। कंपनी का लक्ष्य ताइवान की तुलना में दिल्ली में ज्यादा स्वैपिंग स्टेशन बनाना है। वैश्विक स्तर पर, कंपनी अब तक 350 मिलियन से ज्यादा बैटरी स्वैप पूरा कर चुकी है और उम्मीद कर रही है कि इस संख्या को इससे आगे ले जाएगी।
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इलेक्ट्रिक ऑटो रिक्शा
- फोटो : संवाद
बैटरी स्वैपिंग को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही इसे भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए एक प्रैक्टिकल सॉल्यूशन के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 2022 के केंद्रीय बजट भाषण का केंद्र बिंदु भी था, जब उन्होंने भारत में बैटरी स्वैपिंग तकनीक को बढ़ावा देने के लिए एक नई नीति का प्रस्ताव रखा था। इस तकनीक का देश के 15 लाख इलेक्ट्रिक रिक्शा द्वारा प्रमुख रूप से उपयोग किए जाने की उम्मीद है, जो यहां कुल ईवी बिक्री का 83 प्रतिशत हैं।