बुधवार को पूरा देश 72वां थल सेना दिवस यानी Army Day सेलिब्रेट कर रहा है। आज के ही दिन भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ जनरल केएम करियप्पा ने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश कमांडर जनरल रॉय फ्रैंसिस बुचर से सेना की कमान ली थी। करियप्पा को 14 जनवरी 1986 को फील्ड मार्शल के खिताब से नवाजा गया था। वहीं देश की सेना को मजबूत बनाने में मिलिट्री लॉजिस्टिक्स का अहम योगदान है, जो सेना को सुदूर इलाकों तक पहुंचाने में मदद करती है। आइए जानते हैं सेना में इस्तेमाल हो रहे इन वाहनों के बारे में...
Indian Army Day 2020: सेना की शान हैं ये वाहन, सड़क पर चलते हैं तो खौफ खाते हैं दुश्मन
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Tata Merlin LSV (लाइट सपोर्ट व्हीकल)
टाटा इन गाड़ियों को खासतौर पर सेना के लिए बना रही है। मारुति जिप्सी की बाद टाटा मर्लिन और टाटा सफारी ने भारतीय सेना में जगह बनाई है। मर्लिन की छत पर 7.6 एमएम की मीडियम मशीनगन और 40 एमएम का ऑटोमैटिक ग्रेनेट लॉन्चर लगा है। यह आसानी से फौजी दस्तों को लाने ले जाने के साथ सप्लाई में भी मदद करती है। मर्लिन दोनों तरफ और पीछे से STANAG 4569 लेवल-1 सुरक्षा देती है, जो नाटो के स्टैंडर्ड्स में सबसे ज्यादा है। टाटा मर्लिन में 3.3-लीटर का लिक्विड कूल डायरेक्ट इंजेक्शन इंजन दिया गया है। जो 3,200 आरपीएम पर 185 बीएचपी और 2,400 आरपीएम पर 450 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है।
श्री लक्ष्मी डिफेंस निर्मित Viper
श्री लक्ष्मी डिफेंस सॉल्यूशंस इस बेहद सुरक्षित गाड़ी का निर्माण कर रही है। भारत में बना यह पहला उच्च कोटि का सैन्य वाहन है, जो बुलेट, लैंडमाइन और ब्लास्ट प्रूफ कैपेबिलिटीज के साथ आता है। यह चलते समय भी भारी मार सह सकता है। इसमें छह कमांडोज के बैठने की क्षमता है। इसकी अंदरूनी दीवारें बैलिस्टिक चादरों से निर्मित है। इस कार को B7+ रेटिंग वाले आर्मर से डिजाइन किया गया है। किसी मुठभेड़ के दौरान इसमें लगे लोअर पैनल्स बुलेटप्रूफ शील्ड का काम करते हैं। इस कार में लोअर आर्मर स्टेल पैनल दिए गए हैं जिन्हें आपातकाल में हटाकर ब्लास्ट शील्ड के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
Tata MPV
4×4 क्षमता के साथ आने वाले यह मल्टी पर्पज व्हीकल बुलेट, लैंड माइनन और ग्रेनेड झेलने की क्षमता से लैस है। इसमें 242 बीएचपी की पावर वाला डीजल इंजन लगा है, जो 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार देता है। यह किसी भी तरह के इलाके में काम करने में सक्षम है। मुठभेड़ के दौरान सैन्यबल अकसर इसका इस्तेमाल करते हैं।
Mahindra Marksman
26/11 के आतंकी हमलों के बाद महिंद्रा ने इस गाड़ी का ननिर्माण शुरू किया था। अभी इसे फोर्स वन, कोलकाता पुलिस, सीआईएसएफ और भारतीय सेना में इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। महिंद्रा की Marksman एक बुलेट प्रूफ गाड़ी है जिसमें 6 लोग आराम से बैठ सकते हैं। इस कार में 360 डिग्री विसिबिलिटी के साथ कई फायरिंग पॉइंट और मशीन गन पॉइंट भी दिया गया है। इसमें 2.6-लीटर का टर्बोचार्ज्ड CRDe डीजल इंजन दिया गया है जो 150 बीएचपी की पावर और 228 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इसकी टॉप स्पीड 120 किमी प्रति घंटा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकी मुठभेड़ के दौरान इसका इस्तेमाल किया जाता है।