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EV Charging: भारत ने पहला स्वदेशी चार्जिंग मानक किया विकसित, टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर ईवी में होगा इस्तेमाल

Wed, 18 Oct 2023 07:58 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 18 Oct 2023 07:58 PM IST
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India develops first-ever indigenous charging standard for light electric vehicles
EV Charging - फोटो : Social Media
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को ज्यादा से ज्यादा अपनाने की दिशा में बढ़ावा देने के लिए एक बड़े कदम में, भारत ने हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों (लाइट इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) (एलईवी) के लिए अपना पहला एसी और डीसी कंबाइंड चार्जिंग कनेक्टर स्टैंडर्ड विकसित किया है। जिसमें इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहन और माइक्रो कारें शामिल हैं। यह एलईवी के लिए दुनिया का पहला कंबाइंड एसी और डीसी चार्जिंग कनेक्टर स्टैंडर्ड भी है और इसे पूरी तरह से देश में डिजाइन और इंजीनियर किया गया है।
India develops first-ever indigenous charging standard for light electric vehicles
EV Charging - फोटो : For Reference Only
नई चार्जिंग सिस्टम में नीति आयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, एआरएआई, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) एक राष्ट्रीय मानक विकसित करने के लिए एक साथ आए। नई तकनीक एलईवी के लिए एक सामान्य एसी और डीसी कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम के लिए रास्ता साफ करती है। और यदि इसे अपनाया जाता है तो इससे न सिर्फ भारतीय वाहनों को बल्कि वैश्विक स्तर पर एलईवी को भी फायदा होगा। नया इंटीग्रेटेड चार्जिंग सिस्टम न सिर्फ वाहन मालिकों बल्कि निर्माताओं के साथ-साथ चार्ज पॉइंट ऑपरेटरों को भी मदद करेगा।
India develops first-ever indigenous charging standard for light electric vehicles
EV Charging - फोटो : For Reference Only
एलईवी के लिए नए चार्जिंग मानक पर बोलते हुए नीति आयोग के सीईओ बी वी आर सुब्रमण्यम ने कहा, "मुझे एक संयुक्त चार्जिंग मानक के विकास को देखकर खुशी हो रही है जो हमारे ईवी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक बेहद जरूरी है। भारत में लाइट ईवी के लिए एक संयुक्त चार्जिंग सिस्टम की सख्त जरूरत महसूस की गई और चूंकि अंतरराष्ट्रीय मानकों में ऐसा कोई विकल्प प्रदान नहीं किया गया है, इसलिए लाइट ईवी ग्राहकों को एसी या डीसी आउटलेट, जो भी उनके लिए सुविधाजनक रूप से उपलब्ध हो, दोनों से चार्ज करने का विकल्प देने के लिए इसे स्वदेशी रूप से विकसित करना जरूरी था। चूंकि भारत में बिकने वाले 75 प्रतिशत से ज्यादा नए वाहन या तो दो या तीन-पहिया वाहन हैं, इसलिए हमने एक मानक बनाया जो वाहन बाजार के सबसे बड़े हिस्से को प्रभावित करता है। इसे संभव बनाने के लिए कई सरकारी निकाय और निजी क्षेत्र के ओईएम एक साथ आए।"
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India develops first-ever indigenous charging standard for light electric vehicles
EV Charging - फोटो : Social Media
उन्होंने आगे कहा, "यह एक यूनिक ग्लोबल इनोवेशन है जिसे बीआईएस द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। यह एक ही सर्विस पॉइंट/स्टेशन से एसी (स्लो) और डीसी (फास्ट) दोनों चार्जिंग की सुविधा देता है और इसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने और प्रसार की अपार संभावनाएं हैं। यह इस बात का भी एक अच्छा उदाहरण है कि जब अच्छी नीति, नवाचार और उद्यम देश को सही दिशा में मार्गदर्शन करने के लिए एक साथ आते हैं तो हम क्या हासिल कर सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि नया मानक भारत को स्वच्छ गतिशीलता क्षेत्र में वैश्विक खिलाड़ी बनाने में सबसे सहायक कारकों में से एक होगा।" 
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EV Charging - फोटो : iStock
एलईवी के लिए नए चार्जिंग कनेक्टर इसे ज्यादा महंगे इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर चार्जिंग कनेक्टर से अलग करते हैं क्योंकि ज्यादातर लागत-संवेदनशील ईवी पर इसे अपनाना संभव नहीं है। धीमी और तेज चार्जिंग के लिए एक सामान्य कनेक्टर के साथ, यह न सिर्फ लागत कम करता है बल्कि चार्जिंग के लिए एक इंटरऑपरेबल नेटवर्क लाने में भी मदद करता है, जबकि ग्राहकों को हर समय वाहन के साथ भारी चार्जर ले जाने की जरूरत नहीं होती है।
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