आजकल ऑटोमेटिक स्कूटर काफी प्रचलन में है। लोग इन्हे चलाना इसलिए भी पसंद करते हैं क्योंकि ये बेहद आसानी से चलाए जा सकते हैं। सेल्फ लगाया और एक्सीलरेट किया और दौड़ा दिया स्कूटर। पिछले कुछ सालों में स्कूटरबाइक पर भी हावी रहे हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ऑटोमेटिक स्कूटर खतरनाक भी हैं अगर इन्हे जरा सी भी हल्के में लेते हैं तो यह आपकी जान का दुश्मन बन सकता है। तो आपका प्रिय स्कूटर ऐसे ही बना रहे और आपको अपनी मंजिल तक पहुंचाता रहे आइए बताते हैं क्या करें क्या न करें।
एक चीज ध्यान रहे ऑटोमेटिक स्कूटरों को स्टार्ट करते वक्त रेस देने की जरूरत नहीं होती ये अपने आप ही एक या दो किक में स्टार्ट हो जाते हैं। स्कूटर स्टार्ट होने के बाद इसे दो चार मिनट ऐसे ही खड़ा रहने दें इससे स्कूटर गर्म हो जाएगा और आप आराम से अपनी यात्रा शुरू कर पाएंगे।
अगर आप स्कूटर राइड कर रहे हैं और इमरजेंसी में ब्रेकिंग की जरूरत पड़े तो अपना पैर स्कूटर पर ही रखें और दोनों ब्रेक लगाएं। घबराएं नहीं स्कूटर थोड़ा सा अपनी लाइन से इधर-उधर होगा और आप सुरक्षित खड़े हो जाएंगे। बहुत से लोग अपना पैर पहले लटका लेते हैं इसके बाद ब्रेक लगाते हैं जिससे उन्हें काफी चोट आती है।
स्कूटर में रियर व्यू के लिए दिए गए दोनों साइड मिरर को अक्सर लोग टशन में निकाल देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ये मिरर उस समय बेहद अहम भूमिका निभाते हैं जब हाईवे पर होते हैं। स्कूटर की गति अन्य वाहनों के मुकाबले काफी कम होती है। ऐसे में अगर आपको पीछे आ रहे वाहन नजर नहीं आएंगे तो आप पर हमेशा खतरा मंडराता रहेगा। इसलिए साइड मिरर को लगा रहने दें यह एक सेफ्टी इक्विपमेंट है जो आपकी सुरक्षा के लिए दिया गया है।
जब स्कूटर में बैट्री खराब होने सेल्फ खराब होने की स्थिति में किक लगाना पडे तो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है कि किक लगाने का तरीका क्या होना चाहिए। आइए आपको बताते हैं। सबसे पहले स्कूटर को फुल स्टैंड पर पार्क कर दें। इसके बाद बिना किसी और की सहायता लिए इसमें किक लगाएं। किक लगाते वक्त ध्यान रखें कि स्कूटर का पिछला पहिया पूरी तरह से फ्री रहे। क्योंकि किक लगाते वक्त पिछला पहिया रोटेट करता है तभी स्कूटर स्टार्ट होता है। स्कूटर जहां पर खड़ा करें ध्यान रखें कि वह जगह समतल हो इससे आपको इसे स्टार्ट करने में आसानी होगी।