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इस टेक्नोलॉजी से FASTag टोल टैक्स भुगतान बनेगा वर्ल्ड क्लास, 50 सेकंड में निकलेंगे वाहन

Sun, 08 Mar 2020 02:57 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sun, 08 Mar 2020 02:57 PM IST
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Fastag - फोटो : NHAI
इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह (ईटीसी) को बढ़ावा देने के लिए, केंद्र सरकार ने FASTag (फास्टैग) की व्यवस्था लागू की। सरकार ने फास्टैग के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए फरवरी के महीने में इसे मुफ्त बांटा। अब सरकार Radio-frequency identification (RFID), रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन (आरएफआईडी) की मदद से फास्टैग से टोल टैक्स भुगतान की तकनीक को विश्वस्तरीय बनाने जा रही है। इससे जाम नहीं लगेगा और वाहन चालक 50 सेकेंड में टोल भुगतान कर सकेंगे। इसके साथ ही साथ सरकार ने FASTag से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर को अपग्रेड कर दिया है। 
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Fastag - फोटो : Social Media
टोल संग्रह में जबरदस्त इजाफा
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि इस हफ्ते 1.60 करोड़ FASTag की बिक्री हुई है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक फास्टैग बिक्री में तेजी आई है। हर दिन करीब 1.20 लाख फास्टैग की बिक्री हो रही है। मंत्रालय ने सभी 544 टोल प्लाजा में ईटीसी टेक्नोलॉजी लगा दी है। टोल संग्रह में इसका जबरदस्त असर देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में हर दिन 70 करोड़ रुपये (75 फीसदी) ऑनलाइन टैक्स कलेक्शन हुआ। पिछले साल जुलाई के महीने में यह आंकड़ा 19 करोड़ (29 फीसदी) रुपये प्रतिदिन था। 
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fastag - फोटो : अमर उजाला
हेल्पलाइन नंबर हुआ अपग्रेड
FASTag को लेकर पेश आ रही समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर 1033 को अपग्रेड कर दिया है। बता दें कि 1033 हेल्पलाइन नंबर पर हर महीने 15,000 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इनमें 55 फीसदी शिकायतें टोल प्लाजा पर लगे सेंसरों के गाड़ियों में लगे फास्टैग को रीड नहीं करने से जुड़ी हैं। फास्टैग रीड नहीं होने की वजह से ऑनलाइन भुगतान नहीं हो पाता। भुगतान में देरी होने की वजह से टोल प्लाजा में गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती हैं। इस जाम के कारण मुसाफिर घंटों परेशान होते हैं। 
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फास्टैग - फोटो : Amar Ujala
ईटीसी बनेगा वर्ल्ड क्लास
सरकार टोल प्लाजा पर ईटीसी तकनीक को विश्व स्तरीय बनाने की योजना तैयार कर रही है। इससे वाहन चालक फास्टैग से ऑनलाइन टोल टैक्स 50 सेकंड में जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही लोगों के सफर को आसान बनाने के लिए कार और ट्रक के लिए टोल प्लाजा में लेन अलग करने की भी योजना है। 
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fastag - फोटो : अमर उजाला
20 मीटर आगे लगेंगे फास्टैग सेंसर
गाड़ियों में लगे FASTag के जरिए टोल भुगतान में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर सरकार टोल प्लाजा पर बैरियर केबिन से आगे फास्टैग रीडिंग सेंसर लगाने की योजना बना चुकी है। मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक फास्टैग एक नई तकनीक है और इसको लागू करने में कुछ समस्याएं भी पेश आ रही हैं। 

टोल प्लाजा पर फास्टैग रीडिंग सेंसर टोल बैरियर के नजदीक लगे हैं। ये सेंसर फास्टैग को समय पर रीड नहीं कर पा रहे हैं। इस गड़बड़ी के देखते हुए  अब मंत्रालय ने सेंसर को टोल केबिन से 20 मीटर पहले लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे वाहन के केबिन तक पहुंचने से पहले ही सेंसर फास्टैग रीड कर लेगा और ऑनलाइन टोल टैक्स भुगतान हो जाएगा। 
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