जानें क्या है नितिन गडकरी के 12 घंटे की टोल पर्ची वाले मैसेज की सच्चाई, पढ़ें पूरी खबर
व्हाट्सअप और सोशल मीडिया पर रोजाना ही कई तरह के फर्जी मैसेजेज वायरल होते रहते हैं। कई लोग जाने-अनजाने में इन पर भरोसा करके सामने वाले से झगड़ा तक कर लेते हैं, लेकिन जब असलियत से सामना होता है, तो बेज्जती के साथ पछताना अलग पड़ता है। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है, जिसमें केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की तरफ से कहा जा रहा है कि टोल प्लाजा पर सिंगल या डबल साइड की जगह 12 घंटे की पर्ची कटवाने के लिए कहा जाता है।
12 घंटे में वापसी पर नहीं लगेगा टोल
इस मैसेज में एक न्यूज पेपर की कटिंग शेयर की जाती है, जिसमें कहा जाता है “अगर आप टोल प्लाजा पर पर्ची कटवाते हो, तो टोलकर्मी पूछता है कि एक साइड की दूं या दोनों साइड की। तो मित्रो मैं आपको बता दूं कि आप उन्हें कहें कि पर्ची 12 घंटे की दो, न की डबल या सिंगल साइड। अगर आप 12 घंटे में वापस आ सकते हो, तो आपको कोई टोल नहीं लगेगा।। पर्ची पर समय भी लिखा होता है”।
आगे पढ़ें सच्चाई
हमें भी ये मैसेज मिला और हमने इसकी सच्चाई पता करने की ठानी। इस मैसेज को बनाने वाली लोग इतने शातिर हैं, कि मैसेज को अखबार की कटिंग का रूप दे दिया, ताकि भोलभाली जनता को भरोसा में लिया जा सके। लेकिन जिस तरह से ये मैसेज व्हाट्सअप, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है इससे लगता है कि शातिर अपनी करतूत में सफल हो गए हैं।
लोगों की नहीं हो रही सुनवाई
ट्विटर पर भी लोग केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को टैग करके शिकायत कर रहे हैं कि टोलकर्मी 12 घंटे की बात से इंकार करते हुए उनकी पर्ची काट रहे हैं। लेकिन लोगों की शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हो रही, साथ ही कोई इसे सच बता रहा है, तो कोई झूठ।
नहीं है ऐसा कोई आदेश
हमनें इस मैसेज की सच्चाई जानने के लिए पता किया तो भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने इस बारे में कोई भी आदेश नहीं दिया है। वहीं केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से कोई भी ऐसा आदेश जारी नहीं किया गया है। साथ ही, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इस संबंध में कोई आदेश नहीं दिया है। वहीं उनके मंत्रालय ने 28 दिसंबर 2018 में एक बयान जारी करके इसे गलत बताते हुए कहा था कि 12 घंटे की पर्ची देने का नियम नहीं है।
It has come to MoRTH’s attention that there are statements falsely attributed to the Union Minister Shri Nitin Gadkari regarding the Toll Rates.
— MORTHINDIA (@MORTHIndia) December 28, 2018
MoRTH wishes to clarify the same.@PMOIndia@nitin_gadkari@mansukhmandviya @PIB_India @transform_ind pic.twitter.com/3gwEaNjXs6
सिंगल जर्नी का बेस रेट
मंत्रालय का कहना है कि 5 दिसंबर 2008 को जारी टोल वसूली नियमों के तहत टोल प्लाजा से गुजरने वाली गाड़ियों से 3 तरह के चार्ज लिए जाते हैं। सिंगल जर्नी, रिटर्न जर्नी और मंथली पास। रिटर्न जर्नी की पर्ची 24 घंटे के भीतर आने-जाने के लिए होती है। वहीं रिटर्न जर्नी का किराया सिंगल जर्नी से डेढ़ गुना होता है।
सिंगल जर्नी का बेस रेट
- कार, जीप, वैन और लाइट मोटर व्हीकल – 0.65 रुपये प्रति किमी
- लाइट कमर्शियल व्हीकल, लाइट गुड्स व्हीकल और मिनी बस – 1.05 रुपये प्रति किमी
- बस या ट्रक – 2.20 रुपये प्रति किमी
- हैवी कंस्ट्रक्शन मशीनरी, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट या मल्टी एक्सल व्हीकल – 3.45 रुपये प्रति किमी
- ओवरसाइज्ड व्हीकल – 4.20 रुपये प्रति किमी