भारतीय आॅटो मार्केट पिछले कुल सालों में देश का सबसे बड़ा आॅटो मार्केट बन कर उभरा है। कंपनियां अपने ग्राहकों को लुभाने में कोई कमी नहीं छोड़ती हैं बावजूद इसके कई ऐसी कार्स होती हैं जो बाजार में आती तो हैं लेकिन अपनी जगह नहीं बना पाती। आज आपको कुछ ऐसी ही कारों के बारे में बताएंगे जो बाजार में आई, लेकिन आज उन्हें कोई नहीं पूछ रहा है।
एक जमाने में थे लोग दीवाने, आज इतिहास बन चुकी हैं ये कारें
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Fiat Punto Abarth
फिएट पुंटो अबार्थ भारत में करीब 10 लाख रुपए की रेंज में लांच हुई थी। फिएट भारत के साथ साथ विदेशो में भी अपनी क्लासिक कारों के लिए प्रसिद्व है। इस कार में कंपनी ने 1.4-लीटर टर्बोचार्जड पेट्रोल इंजन दिया है जो अधिकतम 145 बीएचपी की पावर और 210 एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करता है। इस कार को 0 से 100 किमी की स्पीड पकड़ने में केवल 8.8 सेकंड का समय लगता है। बावजूद इसके इसकी बिक्री में कोई इजाफा देखने को नहीं मिला।
होंडा की एंट्री लेवल की हैचबैक कार ब्रियो लंबे समय से बिक्री में पिछड़ रही है। जिसके चलते कंपनी ने इसका प्रॉडक्शन बंद कर दिया है। होंडा की यह कार साल 2011 में लांच हुई थी। जिसे साल 2016 में अपडेट भी किया गया । हालांकि इसे भारतीय बाजार में कुछ खास सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद होंडा ब्रियो के मालिक इस कार से काफी खुश दिखते हैं। होंडा की ब्रियो की जुलाई में 183 यूनिट्स, अगस्त महीने 157 यूनिट्स सितंबर 64 यूनिट ही सेल हो पाई।
रेनॉ ने भारतीय बाजार में डस्टर एंडवेंचर एडिशन लांच किया। सबसे पहले इस कार को कंपनी ने ऑटो एक्सपो 2014 के दौरान प्रदर्शित किया था। कार को खास तौर पर बर्फ़बारी या ऑफ-रोडिंग करने वालो के लिए तैयार किया था, लेकिन कार कंपनी की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई ।
Renault Captur
रेनो ने भारत में कैप्चर को एक प्रीमियम कैटेगरी में पेश किया था। इस कार को B-Zero प्लेटफार्म पर बनाया गया। इस कार को ग्राहकों की कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। क्रेटा से टक्कर लेने वाली इस कार पर कंपनी ने भारी डिस्काउंट भी निकाला है, लेकिन ग्राहक अभी इसे कोई तवज्जो नहीं दे रहे हैं।