वास्तु शास्त्र के मुताबिक दो तरह की ऊर्जा होती हैं सकारात्मक और नकारात्मक। ये दोनों ही ऊर्जा घर के और आस-पास के वातावरण एवं प्रत्येक वस्तु से निकलती हैं, जो मनुष्य के जीवन के प्रभावित करती हैं। जहां सकारात्मक ऊर्जा से तरक्की और सुख समृद्धि पाई जा सकती है तो वहीं नकारात्मक ऊर्जा आपके जीवन में समस्याएं लेकर आती है। वास्तु शास्त्र में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं। यदि आपके जीवन में समस्याएं चल रही हैं तो वास्तु के अनुसार कुछ बदलाव करके आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
vastu tips: घर में करें ये चार बदलाव, साथ देने लगेगी आपकी किस्मत
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वास्तु के अनुसार आपके घर का मंदिर सही दिशा हमें होना बहुत आवश्यक होता है। घर का ईशान कोण मंदिर के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। मंदिर के हमेशा ईशान कोण में थोड़ी ऊंचाई पर बनाना चाहिए। जिससे पूजा करते समय भगवान और आपका हृदय का स्थान एक समान ऊंचाई पर रहे। ईशान कोण में कभी भी भारी सामान या फिर निर्माण नहीं करवाना चाहिए।
वास्तु में घड़ी को तरक्की का प्रतीक माना गया है। यदि घर में घड़ी गलत दिशा में लगी हो तो आपकी तरक्की में बाधांए उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए घड़ी की दिशा का ध्यान रखना बहुत आवश्यक होता है। वास्तु के अनुसार घड़ी लगाने के लिए पूर्व या उत्तर दिशा उत्तम रहती है। घर में कभी भी टूटी या फिर रूकी हुई घड़ी नहीं रखनी चाहिए।
तुलसी के पौधे का धार्मिक महत्व के साथ वास्तु में भी बहुत महत्व माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का पौधा हमेशा घर के ब्रह्म स्थान आंगन में लगाना चाहिए। यदि इतना स्थान नहीं है तो घर को पूर्वोत्तर या फिर उत्तर दिशा में तुलसी लगाना शुभ रहती है। इससे आपके घर में धन का आगमन बना रहता है। तुलसी को दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए साथ ही जहां पर तुलसी का पौधा लगा हो वहां की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
घर में नकारात्मक ऊर्जा होने सा पारिवारिक कलह के साथ कार्य क्षेत्र में समस्याएं आने के साथ ही धन की हानि भी होने लगती है। नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए घर में पोंछा लगाते समय पानी में समुद्री नमक डालकर घर में पोंछा लगाना चाहिए। इससे आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव नहीं रहता है।