आज के भौतिकवादी युग में धन व्यक्ति के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हो गया है। जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति से लेकर हर दूसरी चीज के लिए धन की आवश्यकता होती है। इसलिए हर व्यक्ति अधिक से अधिक धन कमाना चाहता है ताकि वह स्वयं और परिवार को एक अच्छा उच्च जीवन प्रदान कर सके। धन कमाने के लिए व्यापार का चलना जरूरी होता है। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके व्यापार दुकान में दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की हो। यदि आप किसी भी तरह का व्यापार करते हैं और आपकी भी कोई दुकान है, तो वास्तु में बताई गई इन महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखकर आप अपने व्यापार में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं।
Vastu Tips: ऐसा रखें अपनी दुकान का वास्तु, व्यापार में प्राप्त होगी तरक्की
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पूर्व दिशा की दुकान के वास्तु टिप्स
यदि आपकी दुकान पूर्व दिशा में है तो वास्तु के अनुसार यह बहुत ही अच्छा माना जाता है। पूर्व दिशा की दुकान को प्रतिदिन अपनी दुकान को ठीक समय पर खोलें। यदि आपने अपनी दुकान ईशान कोण में है तो ध्यान रखें कि दुकान के मुख्य द्वार पर किसी भी तरह का भारी सामान नहीं पड़ा होना चाहिए। इससे धन की आवक रूकने लगती है। वास्तु में उत्तर दिशा के बहुत ही शुभ माना गया है। इस दिशा में दुकान होना आपकी तरक्की और धन लाभ में सहायक रहती है।
पश्चिम दिशा की दुकान
वास्तु के अनुसार पश्चिम दिशा की दुकान भी सही रहती है। यदि आपकी दुकान पुश्तैनी है तो यह और भी ज्याद अच्छी मानी जाती है। आपकी दुकान इस दिशा में है तो एक इंसान को दुकान खोलनी चाहिए और दूसरे व्यक्ति को दुकान बंद करनी चाहिए। इसके साथ ही दरवाजे को थोड़ा भारी बनाना चाहिए।
इस दिशा में दुकान होना नहीं माना गया है शुभ
वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा की दुकान शुभ नहीं मानी जाती है, परंतु यदि आपकी दुकान दक्षिण दिशा में बनी हुई है परेशान होने की आवश्यकता नहीं है,बस कुछ विशेष बातों को ध्यान में रखना बहुत आवश्यक होता है। यदि आपकी दुकान दक्षिण दिशा में है तो ग्राहको के लिए दुकान का दरवाजा खोलने के लिए किसी व्यक्ति को नियुक्त करना चाहिए। इसके साथ ही दुकान में ग्राहकों के बैठने की भी उचित व्यवस्था करनी चाहिए। ग्राहकों के खड़े होने के लिए पश्चिम का स्थान होना चाहिए।
दुकान का ऐसा आकार रहता है अच्छा
यदि दुकान आगे की ओर से बड़ी और पीछे की ओर से छोटी हो तो यह बहुत शुभ मानी जाती है। चारों कोनों से एक समान लंबाई चौड़ाई वाली दुकान भी शुभ रहती है। आयताकार दुकान भी सही रहती है। लेकिन जो दुकान आगे से छोटी और पीछे की ओर से बड़ी होती हैं वे दुकान अच्छी नहीं मानी जाती हैं।