शनिदेव को राशि चक्र में न्यायाधीश का दर्जा दिया गया है। शनि कर्म के अनुसार फल देते हैं। साथ ही सबसे धीमी गति से गोचर करने वाला ग्रह होने के कारण यह एक राशि में ढाई साल तक रहता है। साथ ही, राशिचक्र में भ्रमण करने में 30 वर्ष लग जाते हैं। अभी शनि अपनी कुम्भ राशि में हैं और मूल त्रिकोण स्थिति में हैं। शनि के स्वराशि में होने से शश नाम का राजयोग बना है।
30 साल बाद शनि देगा शश पंच महापुरुष राजयोग, मार्च 2025 तक रहेगा साथ
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Fri, 13 Dec 2024 10:04 AM IST
सार
ज्योतिष शास्त्र में शनि के गोचर पर कड़ी नजर रखी जाती है। क्योंकि जब शनि की स्थिति बदलती है तो राशि परिवर्तन हो जाता है। साथ ही, शनि को एक पूर्ण चक्र पूरा करने में 30 वर्ष लगते हैं। इस बीच शनि शश पंच महापुरुष राजयोग बना रहे हैं। यह योग तीन राशियों के लिए अच्छा रहने वाला है।
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