Shani Vakri 2026: वैदिक ज्योतिष में कर्मफलदाता और न्यायप्रिय शनि 27 जुलाई 2026 से मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं। शनि यहां पर 138 दिनों तक वक्री चाल से चलेंगे। ज्योतिष में शनि जब भी उल्टी चाल से चलते हैं तो इसको ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। शनि की वक्री चाल से व्यक्ति के करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति, रिश्तों और सेहत पर देखने को मिलता है। आइए जानते हैं शनि की वक्री चाल से तुला से मीन राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषी विश्लेषण करते हैं।
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तुला राशि
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तुला राशि पर शनि के व्रकी होने का प्रभाव
27 जुलाई 2026 को शनि के वक्री होने से शनिदेव आपकी राशि से छठे भाव में वक्री होंगे। कुंडली का छठा भाव शत्रु, ऋण और रोग का माना जाता है। ऐसे में इस राशि के जातकों को सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। आने वाला समय में प्रतियोगी परीक्षा और नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बहुत ही अच्छा और बेहतरीन रहेगा। इसके अलावा कोर्ट-कचहरी के मामलों में आपको सफलता मिलेगी।
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वृश्चिक राशि
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वृश्चिक राशि पर शनि के वक्री होने का प्रभाव
शनि का वक्री होना वृश्चिक राशि वालों के लिए आपकी कुंडली के पंचम भाव में हो रहा है। कुंडली के पंचम भाव शिक्षा और प्रेम संबंधों का होता है। इससे संतान से जुड़ी अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। छात्रों के लिहाज से आने वाला समय अच्छा रहेगा। कला और रचनात्मक कार्यो में सफलता मिल सकती है।
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धनु राशि
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धनु राशि पर शनि के वक्री होने का प्रभाव
शनि के वक्री होने पर धनु राशि वालों के लिए शनि देव आपकी राशि से चौथे भाव में वक्री होंगे जिससे पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ सकती है। संपत्ति और वाहन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। इस दौरान पारिवारिक जिम्मेदारियों में वृद्धि हो सकती है। जमीन या मकान से जुड़े कार्यों में देरी होने की संभवाना है। माता की सेहत पर विशेष ध्यान देना होगा।
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मकर राशि
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मकर राशि पर शनि वक्री होने का प्रभाव
शनि के वक्री होने पर शनिदेव आपकी राशि से तीसरे भाव में वक्री होंगे। जिससे आपके साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नए-नए लोगों से भविष्य में आपके लिए लाभ के अवसर मिल सकते हैं। इस दौरान भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा।