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इन राशियों को शनि से भी ज्यादा खतरनाक परिणाम देते हैं राहु-केतु, भोगने पड़ते हैं असहनीय कष्ट
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shweta Singh
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:49 PM IST
सार
Rahu-Ketu Gochar: कुंडली में शुभ स्थिति होने पर अपने प्रभाव से जातकों को ऊंचाइयों पर पहुंचा सकते हैं। लेकिन अशुभ स्थिति आने पर जीवन में ऐसे उतार-चढ़ाव आते हैं जिन्हें संभालना मुश्किल हो सकता है।
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राहु केतु का राशियों का प्रभाव
- फोटो : amar ujala
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Rahu-Ketu Effects: ज्योतिषशास्त्र नवग्रहों पर आधारित है जो अपने गोचर और भाव स्थान के आधार पर परिणाम देते हैं। लेकिन इन नवग्रहों में 2 ऐसे ग्रह हैं जिन्हें छाया ग्रह के नाम से जाना जाता है। ये छाया ग्रह हैं राहु और केतु। ये ऐसे ग्रह हैं जो प्रत्यक्ष रूप से नहीं दिखाई देते, लेकिन इनका असर बहुत गहरा होता है। कुंडली में शुभ स्थिति होने पर अपने प्रभाव से जातकों को ऊंचाइयों पर पहुंचा सकते हैं। लेकिन अशुभ स्थिति आने पर जीवन में ऐसे उतार-चढ़ाव आते हैं जिन्हें संभालना मुश्किल हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र में जहां शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है वहीं राहु-केतु भ्रम उत्पन्न करते हैं। राहु-केतु अचानक जीवन में ऐसी उथल-पुथल मचाते हैं कि जीवन में इसे संभालना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि इसका प्रभाव शनि से भी ज्यादा खतरनाक साबित होता है। ऐसे में आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका प्रभाव सबसे ज्यादा पड़ता है।
मेष राशि के जातकों की ऊर्जा में असंतुलन आ जाता है।
- फोटो : अमर उजाला
मेष राशि
मेष राशि का स्वामी मंगल है। यह ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है। जब राहु इस राशि में प्रवेश करता है तो मेष राशि के जातकों की ऊर्जा में असंतुलन आ जाता है। व्यक्ति जल्दी-जल्दी निर्णय लेने लगता है और कभी-कभी गलत निर्णय भी ले लेता है। राहु मस्तिष्क में भ्रम पैदा करता है जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक नुकसान और दुर्घटनाएं हो सकती हैं। केतु व्यक्ति के मन में तनाव और अकेलेपन को बढ़ाता है।
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परिवार में तनाव बढ़ सकता है।
- फोटो : अमर उजाला
कर्क राशि
कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, जो मन और भावनाओं का प्रतीक है। राहु और केतु चंद्रमा के विपरीत कार्य करते हैं। इस राशि के लोगों को भय, चिंता, अनिद्रा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। परिवार में तनाव बढ़ सकता है और घर की खुशियां कम हो सकती हैं। कर्क राशि पर राहु-केतु का प्रभाव ग्रहण जैसा होगा।
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व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
- फोटो : daily rashifal
सिंह राशि
सिंह राशि का स्वामी सूर्य है जो आत्मा और मान-सम्मान का प्रतीक है। राहु के प्रभाव के कारण इस राशि के व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। कभी-कभी, अचानक शुरू किए गए कार्य असफल हो सकते हैं और व्यक्ति को अपमानित महसूस हो सकता है। केतु स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। हृदय या हड्डियों से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं।
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कानूनी मामले या समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
- फोटो : अमर उजाला
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि में केतु का प्रभाव बहुत प्रबल होता है, लेकिन इसका नकारात्मक असर भी उतना ही गहरा होता है। इस राशि के लोगों को गंभीर और अचानक आने वाली समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। राहु के प्रभाव के कारण शत्रुओं की संख्या बढ़ सकती है और कानूनी मामले या समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कभी-कभी इस स्थिति से बाहर निकलना कठिन हो जाता है। शनि की तुलना में, राहु-केतु का प्रभाव अधिक तीव्र और अचानक होता है।
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