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Krishna Janmashtami 2025: जन्माष्टमी पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान, होंगे सभी मनोकामनाएं पूर्ण
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Wed, 13 Aug 2025 07:31 AM IST
सार
Krishna Janmashtami Rituals: कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान की भक्ति और पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस पवित्र दिन की पूजा में कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी होता है, जिससे पूजा का प्रभाव बढ़ता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
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जन्माष्टमी के अवसर पर की जाने वाली पूजा में कुछ खास नियम और विधियां होती हैं।
- फोटो : instagram
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Janmashtami Puja Tips: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार हर वर्ष भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र होता है क्योंकि मान्यता है कि इस दिन की पूजा और भक्ति से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर की जाने वाली पूजा में कुछ खास नियम और विधियां होती हैं, जिनका पालन करने से पूजा का प्रभाव बढ़ जाता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
बालगोपाल पर न चढ़ाएं मुरझाए हुए फूल
- फोटो : Adobe stock
बालगोपाल पर न चढ़ाएं मुरझाए हुए फूल
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान बालगोपाल की पूजा करते समय ध्यान रखें कि आप कभी भी मुरझाए हुए, सूखे या बासी फूल चढ़ाएं नहीं। फूल भगवान् की पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और ताजगी उनके प्रति श्रद्धा को दर्शाती है। यदि आप मुरझाए फूल चढ़ाते हैं, तो यह अपमान समझा जाता है और भगवान को यह पसंद नहीं आता। इसके अतिरिक्त, अगस्त के फूल, जिन्हें सेसबानिया ग्रैंडिफ्लोरा कहते हैं, भगवान कृष्ण को विशेष रूप से अप्रिय हैं। इसलिए, इन फूलों का उपयोग जन्माष्टमी की पूजा में बिल्कुल न करें।
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इस दिन गायों को सताया या परेशान किया गया, तो पूजा और व्रत का फल अधूरा रह सकता है।
- फोटो : amar ujala
गाय को न सताएं
भगवान श्रीकृष्ण का गायों से बहुत गहरा प्रेम और लगाव है। वे स्वयं एक ग्वाल (गाय चराने वाले) थे और गायों को अपना माता-पिता समान मानते थे। जन्माष्टमी के दिन गोवंश की सेवा करना, उनका सम्मान करना और कभी भी उनका अपमान या सत्कार न करना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दिन गायों को सताया या परेशान किया गया, तो पूजा और व्रत का फल अधूरा रह सकता है। इसके अलावा, ऐसी क्रिया से भगवान कृष्ण नाराज हो सकते हैं, जिससे भक्त को उनकी कृपा प्राप्त नहीं होती। इसलिए जन्माष्टमी के दिन गोवंश की रक्षा और सेवा करें।
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तुलसी के प्रति सम्मान भाव रखने से भगवान की प्रसन्नता होती है और पूजा का फल बढ़ता है।
- फोटो : freepik
तुलसी की पत्तियां न तोड़ें
तुलसी का पौधा भगवान् विष्णु और उनके अवतार कृष्ण की अति प्रिय वनस्पति है। इसलिए जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे की पत्तियां तोड़ना वर्जित होता है। पूजा में तुलसी की पत्तियां इस्तेमाल करने के लिए उन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर साफ-सुथरा और ताजा रख लेना चाहिए। तुलसी के प्रति सम्मान भाव रखने से भगवान की प्रसन्नता होती है और पूजा का फल बढ़ता है।
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पूरे परिवार के सदस्य पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
- फोटो : Adobe stock
पीले वस्त्र पहनें
बालगोपाल को पीले रंग के वस्त्र पहनाना शुभ माना जाता है क्योंकि पीला रंग आनंद, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इसी कारण जन्माष्टमी के दिन स्वयं और पूरे परिवार के सदस्य पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इसके विपरीत, काले रंग के वस्त्र पहनना इस दिन अशुभ माना जाता है और इससे पूजा की सफलता पर असर पड़ सकता है। इस प्रकार पीले वस्त्र पहनकर आप पूजा में एकाग्रता और भक्तिभाव बढ़ा सकते हैं।
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