11 अक्टूबर 2018 को शाम को 7 बजकर 19 मिनट और 40 सेकंड पर वृश्चिक राशि में प्रवेश होगा। गुरु हर 13 महीने मे राशि परिवर्तन करता है और 13 वर्षो मे बारह राशियों का एक चक्कर पूर्ण करता है। यह गुरु का राशि परिवर्तन हमारे वातावरण, हमारे देश एवं अन्य सभी राशियों पर क्या प्रभाव डालने वाला है। बृहस्पति एक अग्नि तत्व का विशाल ग्रह जिसका गुरुत्वाकर्षण बहुत ज्यादा है| बृहस्पति का स्वभाव आदर्श ब्राह्मण, अध्यापक का स्वभाव दर्शाया गया है यह पूर्ण रूप से अध्यात्मिक प्रवृत्ति वाला एवं स्वाभिमान से परिपूर्ण ग्रह है। 11 अक्टूबर 2018 को बृहस्पति का वृश्चिक राशि में प्रवेश भारत के व्यापारियों के लिए और भारत की अर्थव्यवस्था के लिए लाभदायक कहा जाएगा क्योंकि तुला राशि से बृहस्पति हटकर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएगा। आईए चर्चा करते हैं इस गोचर के बृहस्पति का सभी राशियों पर क्या प्रभाव होता है।
राशि परिवर्तन: वृश्चिक राशि में देवगुरु बृहस्पति, इन राशियों पर होगा असर
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मेष: मेष राशि के लिए अष्टमस्थ बृहस्पति अच्छा नहीं कहा जाएगा क्योंकि बृहस्पति का कमजोर होना उदर विकार में दिक्कतें दे सकता है। पारिवारिक तनाव का भी सूचक हो सकता है। महत्वपूर्ण भावनात्मक संबंधों में कष्ट का सूचक हो सकता है। महिलाएं विपरीत लिंगी संबंधों में बहुत ही सोच समझ कर के विश्वास करें अन्यथा भावनात्मक शोषण की आशंका हो सकती है| विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष थोड़ा कठिन परिश्रम का हो सकता है। मेष राशि वालों को इस वर्ष दिसंबर 2018, 26 जनवरी 2019 से 14 फरवरी 2019 एवं 9 अप्रैल से 9 जून 2019 का समय थोड़ा प्रतिकूल हो सकता है इस दौरान भावनाओं पर नियंत्रण रखने की चेष्टा करनी चाहिए। शेष पूरा वर्ष सामान्य फलदाई होगा। और लाभप्रद भी होगा।
वृषभ- वृषभ राशि वालों के लिए यह बृहस्पति का गोचर काफी लाभप्रद है। घर में मांगलिक कार्य होंगे। अविवाहितओं के विवाह होने की प्रबल संयोग बन रहे हैं। प्रणय संबंधों के लिए भी बड़ा ही सुखद समय दिखाई दे रहा है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए भी अच्छा समय कहा जाएगा। थोड़ा सा अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। संबंधों में आवेश में कोई बात ना बोले और हमेशा जल्दबाजी में रहना हानिकारक हो सकता है। विद्यार्थियों के लिए यह काफी अनुकूल समय होगा। नौकरी-पेशे वालों के लिए भी काफी लाभप्रद समय होगा। विशेषकर प्राइवेट-मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने वालों के लिए प्रगति का सूचक यह समय कहा जाएगा। विदेश जाने के अवसर निश्चित ही प्राप्त हो सकते हैं
मिथुन: मिथुन राशि के लिए यह बृहस्पति कुछ मिला जुला परिणामों को लेकर आया है। थोड़ा दांपत्य जीवन में कठिनाइयों का सूचक हो सकता है। पिता से वैचारिक मतभेद की आशंका है या पिता से सिद्धांतों की लड़ाई हो सकती है। साथ ही साथ शिक्षा अध्यापन और मीडिया क्षेत्र में कार्यरत्त व्यक्तियों के लिए प्रगति के अवसर भी प्राप्त होंगे। साथ ही अवरोधित कार्यो मे भी सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है। मिथुन राशि वालों को इस पूरे वर्ष में बड़े ही मधुर वाणी का प्रयोग करना होगा।
कर्क : कर्क राशि वालों के लिए वृश्चिक का बृहस्पति काफी शुभ फलदाई है। पूरे वर्ष मन को अध्यात्म में लीन करेगा। मन अच्छे विचारों से प्रभावित रहेगा और कर्तव्यों के प्रति केंद्रित होगा। अलबत्ता पुरानी बातों को सोच के थोड़ा बहुत परेशान हो सकते हैं या किसी खोए हुए रिश्ते को लेकर के परेशान हो सकते हैं। मन में ईश्वरी सत्ता के प्रति आस्था बढ़ेगी और अध्यात्म की ओर झुकाव होगा।