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पुराणों के अनुसार गणेश जी के ये हैं 12 अवतार, राशि के अनुसार करें इनकी पूजा
Tue, 06 Sep 2016 02:51 PM IST
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
राकेश्ा झा / टीम डिजिट, अमर उजाला, दिल्ली।
Updated Tue, 06 Sep 2016 02:51 PM IST
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गणेश्ा भ्ागवान
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गजानन के कई अवतार हो चुके हैं। लेकिन पुराणों में इनके 12 अवतारों का विशेष जिक्र किया गया है और बताया है कि हर अवतार का अलग-अलग राशियों से संबंध है इसलिए अपनी राशि के अनुसार गणेश जी के अलग-अलग अवतारों को ध्यान और पूजन करना चाहिए। तो आइये जानें राशि के अनुसार गणेश जी के 12अवतारों में से आप किसकी करें पूजा।
पुराणों के अनुसार गणेश जी के ये हैं 12 अवतार, राशि के अनुसार करें इनकी पूजा
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वक्रतुंड
गणेश जी का पहला अवतार है वक्रतुंड कहलाता है जिनकी सवारी सिंह है। गणेश जी का यह अवतार मनुष्य के अंदर बैठे द्वेष को दूर करके सफल इंसान बनाने में सहायक होता है। मेष राशि वालों को गणेश जी के इस अवतार की पूजा करनी चाहिए।
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एकदंत
गणेश जी का दूसरा अवतार है एकदंत। एक दांत होने के कारण गणेश जी अपने इस अवतार में एक दंत के नाम से जाने जाते हैं। इनका वाहन मूषक है और यह मनुष्य के अंदर विराजमान अहंकार को दूर करके मनुष्य को समाज में मान-सम्मान दिलाते हैं। वृष राशि के व्यक्तियों को गणेश जी के इस अवतार की पूजा करनी चाहिए।
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महोदर
गणेश जी अपने तीसरे अवतार में महोदर कहलाते हैं। इनका वाहन मूषक है और यह मनुष्य में मौजूद मोह, अज्ञान और दुर्बुद्धि का अंत करते हैं। मिथुन राशि के व्यक्तियों को गणेश जी के इस स्वरूप की पूजा करनी चाहिए।
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गणेश्ा गजानन
गणेश जी अपने चौथे अवतार में गजानन कहलाते हैं। गणेश जी का यह अवतार कुबेर के पुत्र लोभ का अंत करने के लिए हुआ है। मनुष्य के अंदर लोभ को अंत करने के लिए गणेश जी के इस रूप की पूजा विशेष फलदाययी होती है। कर्क राशि के व्यक्तियों को गणेश जी के इस अवतार की पूजा करनी चाहिए।
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