शुक्र के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही धनु राशि में पहले से विराजमान वृहस्पति, शनि एवं केतु के साथ युति के परिणाम स्वरूप चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ये चतुर्ग्रही योग 15 दिसंबर तक रहेगा। देवताओं एवं दैत्यों के गुरुओं के एक साथ आने एवं शनि और केतु की युति के परिणाम स्वरूप कई अप्रत्याशित घटनाओं का जन्म होगा। शासन सत्ता के लिए यह युति शुभ नहीं है क्योंकि, स्वतंत्र भारत की वृषभ लग्न की कुंडली के अनुसार यह युति अष्टम भाव में बन रही है और स्वतंत्र भारत की ही कर्क राशि के अनुसार यह युति रोग एवं शत्रु छठें भाव में बन रही है, जिसके परिणाम स्वरूप 15 दिसंबर तक का वक्त देश के लिए नई चुनौतियों वाला सिद्ध होगा। सरकार के लिए भी देश में बढ़ती अराजकता को नियंत्रित करने के लिए कई कठोर कदम उठाने होंगे। सामान्य मानवीय के लिए बनने वाले इस चतुर्दशी योग का प्रभाव कैसा रहेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
चार ग्रहों ने बनाया चतुर्ग्रही योग, महंगाई बढ़ेगी किंतु मंदी होगी दूर, जानें 12 राशियों पर असर
पं जयगोविंद शास्त्री
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 21 Nov 2019 05:41 PM IST
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