इस वर्ष महाशिवरात्रि 11 मार्च को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। हर वर्ष महाशिवरात्रि का त्योहार शिवभक्तों के लिए खास होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि दो महान योगों में मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, 11 मार्च की सुबह 9 बजकर 22 मिनट तक महान ‘शिवयोग’और उसके बाद ‘सिद्धयोग’आरंभ हो जाएगा। ये दोनों योग पूजा-आराधना में विशेष फलदायी माना गया है।
Mahashivratri 2021: इस महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं दो महान योग, शिव आराधना से पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं
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सिद्धयोग और शिवयोग को बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी योग माना जाता है। इस शुभ योग के दौरान जो व्यक्ति साधना और शुभ संकल्प लेता है उसके कार्य अवश्य सफल और पूर्ण होते हैं। शिव साधना में इन योगों से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
महाशिवरात्रि पर उपाय
इस योग में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होगा और जातक यदि अपनी अपनी राशि अनुसार भगवान की आराधना करेंगे तो इससे उनकी कई मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। इस दिन रुद्राभिषेक करना शुभदायक होगा। इस दुर्लभ योग में भगवान शिव की आराधना करने पर दोष भी दूर हो सकेंगे और कष्टों से मुक्ति मिलेगी। शनि साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को शमीपत्र अर्पित करें। इसके आलावा राहू-केतु के प्रभाव को खत्म करने के लिए रुद्राभिषेक करें।
महाशिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि तिथि- 11 मार्च 2021 (बृहस्पतिवार)
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 11 मार्च 2021 को दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 12 मार्च 2021 को दोपहर 3 बजकर 2 मिनट तक
शिवरात्रि पारण समय: 12 मार्च की सुबह 6 बजकर 34 मिनट से शाम 3 बजकर 2 मिनट तक