प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कुछ न कुछ परेशानियां तो लगी ही रहती हैं लेकिन कभी कभी ये परेशानियां अचानक से बहुत बढ़ जाती हैं। धन की कमी और रोग ये दो ऐसी समस्याएं हैं जिससे व्यक्ति के जीवन की सुख शांति नष्ट होने लगती हैं। यदि आपको भी इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो लाल किताब में बताए गए तेल के कुछ उपाय कर सकते हैं। तेल का संबंध शनिग्रह से माना जाता है। शनि की खराब स्थिति के कारण भी हमारे जीवन में समस्याएं आने लगती हैं, तेल के उपाय करके आप परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं तो चलिए जानते हैं तेल के उपाय...
यदि आप रोगों से परेशान हैं या फिर आपके परिवार का कोई सदस्य बहुत बीमार रहता है तो पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय लगातार 41 दिनों तक करना चाहिए। माना जाता है कि इस उपाय को करने से असाध्य रोगों में भी लाभ मिलता है और रोगी जल्द ही स्वस्थ हो जाता है। इसके अलावा मनोकामनापूर्ति के लिए भी यह उपाय किया जा सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
यदि आप एक के बाद एक परेशानियों का सामना कर रहे हैं और आपको लग रहा है कि दुर्भाग्य से पीछा नहीं छोड़ रहा है तो शनिवार के दिन गेंहू के आटे में पुराना गुड़ मिलाकर सरसों के तेल में पुए बनाएं इसके बाद मदार के फूल, सिंदूर, आटे का दीपक सरसों के तेल वाला, आदि चीजों को एक पत्तल में रखें और रात के समय किसी चौराहे पर ले जाकर रख दें और दुर्भाग्य से पीछा छुड़ाने की कामना करते हुए वापस आ जाएं लेकिन ध्यान रखें कि पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए।
यदि आपको शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ रहा है तो शनिवार के दिन सवा किलो आलू और सवा किलो बैंगन ले लें और सरसों के तेल में छौंक लगाकर सब्जी बनाएं, इसके साथ ही सवा किलो आटे पूड़ी भी सरसों के तेल में बनाएं। इस भोजन को दिव्यांग और जरुरतमंदों को खिलाएं। इस उपाय को लगातार पांच शनिवार तक करना चाहिए इससे आपकी हर प्रकार की शारीरिक व्याधियां दूर हो जाती हैं।
चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी के चरणों में लगाएं और धूप दीप आदि से विधिवत पूजन करें, उसके बाद उन्हें फूल माला चढ़ाएं। ये उपाय मंगलवार और शनिवार के दिन करना चाहिए। इससे आपके जीवन के कष्ट दूर होने लगते हैं। कुछ लोग हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाते हैं लेकिन चमेली के तेल का दीप नहीं जलाना चाहिए। हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित किया जाता है।