मंगल ग्रह का गोचर 4 मई को है। यह मकर से कुंभ राशि में जा रहा है और यहां 18 जून तक बैठा रहेगा। जब कोई भी ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करता है तो उसका शुभाशुभ प्रभाव सभी जीव-जंतुओं पर पड़ता है। इसलिए मंगल की चाल का प्रभाव भी हम सबके ऊपर पड़ेगा। मंगल एक क्रूर ग्रह है। क्रोध, ऊर्जा, हिंसा, लड़ाई-झगड़े इसकी प्रकृति में शामिल है। इसके साथ ही यह व्यक्ति के साहस, पराक्रम, शौर्य को भी दर्शाता है। मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। यह शनि की राशि मकर में उच्च का और चंद्रमा की राशि कर्क में नीच का माना जाता है।
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Mars Transit: मंगल ग्रह के बारे में जानिए ये रहस्यमयी बातें, इसके अशुभ प्रभावों ऐसे बचें
Mon, 04 May 2020 12:36 PM IST
रुस्तम राणा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: रुस्तम राणा
Updated Mon, 04 May 2020 12:36 PM IST
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मंगल ग्रह
- फोटो : अमर उजाला
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मंगल का राशिपरिवर्तन
मंगल के शुभ-अशुभ का प्रभाव
यदि मंगल ग्रह किसी जातक की कुंडली में शुभ हो तो उस जातक के साहस, शौर्य, पराक्रम में वृद्धि होती है। वह जमीन से जुड़े मामलों में विजयी होता है। शत्रु पक्ष उसके सामने घुटने टेकने पर मजबूर हो जाता है। किंतु यदि मंगल कुंडली में अशुभ स्थिति में बैठा हो तो ठीक इसके विपरीत परिणाम जातक को प्राप्त होते हैं। मंगल के ही कारण कुंडली में मंगल दोष बनता है।
mangal dosha
मंगल दोष
मंगल ग्रह जब कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है तो इस स्थिति में मंगल दोष बनता है। मंगल ग्रह की यह स्थिति दांपत्य जीवन के लिए अशुभ होती है। हालांकि यदि मंगल पर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि पड़ती है तो मंगल दोष का प्रभाव कुछ कमज़ोर हो जाता है।
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mangal
मंगल दोष के प्रभाव
मंगल दोष के प्रभाव से विवाह में देरी होगी, शादी टूट सकती है, यदि विवाह हो भी जाता है तो जीवनसाथी से सामंजस्यता का अभाव देखने को मिलेगा। इसके पीछे का कारण यह है कि वहीं कुंडली में सातवाँ भाव विवाह या वैवाहिक जीवन को दर्शाता है और इस भाव में मंगल का होना अशुभ होता है। यहाँ मंगल की स्थिति पति और पत्नी के बीच अहम के टकराव, तनाव, झगड़ा, तलाक आदि का कारण बनती है।
मंगल दोष के प्रभाव से विवाह में देरी होगी, शादी टूट सकती है, यदि विवाह हो भी जाता है तो जीवनसाथी से सामंजस्यता का अभाव देखने को मिलेगा। इसके पीछे का कारण यह है कि वहीं कुंडली में सातवाँ भाव विवाह या वैवाहिक जीवन को दर्शाता है और इस भाव में मंगल का होना अशुभ होता है। यहाँ मंगल की स्थिति पति और पत्नी के बीच अहम के टकराव, तनाव, झगड़ा, तलाक आदि का कारण बनती है।
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मंगल के उपाय
मंगल ग्रह की शांति के उपाय
मंगल ग्रह के शुभ फल पाने के लिए इसकी शांति के लिए उपाय करने आवश्यक हैं। इसके लिए प्रत्येक मंगलवार का व्रत रखें। हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद बांटें। इसके साथ ही मंगलवार के दिन पूजा के समय हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। संभव हो तो मंगलवार के दिन लाल कपड़े धारण करें। हनुमान मंदिर में लाल सिंदूर चढ़ाएं। मंगल के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष या मूंगा रत्न धारण करें। इसके साथ ही किसी अच्छे ज्योतिषी की सलाह लें।
मंगल ग्रह के शुभ फल पाने के लिए इसकी शांति के लिए उपाय करने आवश्यक हैं। इसके लिए प्रत्येक मंगलवार का व्रत रखें। हनुमान मंदिर में बूंदी का प्रसाद बांटें। इसके साथ ही मंगलवार के दिन पूजा के समय हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। संभव हो तो मंगलवार के दिन लाल कपड़े धारण करें। हनुमान मंदिर में लाल सिंदूर चढ़ाएं। मंगल के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष या मूंगा रत्न धारण करें। इसके साथ ही किसी अच्छे ज्योतिषी की सलाह लें।