लगने वाला है साल का अंतिम चन्द्र ग्रहण जानिए कैसा है इसका असर
आज से लगभग 2000 वर्ष पूर्व आचार्य वराहमिहिर ने ग्रहण के कारण, उसकी गणितीय गणना और प्रभावों की विस्तृत व्याख्या अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ 'बृहत-संहिता' में की थी। ईसा के जन्म से 300 वर्ष पूर्व जब यूरोप अंधकार युग में चल रहा था और यह नहीं जानता था कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है न कि सूर्य पृथ्वी की, उन दिनों भारत में वराहमिहिर जैसे महान ज्योतिर्विद ने अपने ग्रन्थ में स्पष्ट रूप से चन्द्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण का समझाया था। चन्द्रग्रहण के प्रभाव पर बात करते हुए ज्योतिषशास्त्री सचिन मलहोत्रा और भी बहुत कुछ कह रहे हैं देखिए आपकी राशि और देश दुनिया पर प्रभाव के बारे में क्या कह रहे हैं।
लगने वाला है साल का अंतिम चन्द्र ग्रहण जानिए कैसा है इसका असर
वराहमिहिर ने 2300 वर्ष पूर्व अपने ग्रंथ बृहत-संहिता में लिखा था कि " वास्तव में चन्द्र ग्रहण का कारण पृथ्वी की छाया है अर्थात चन्द्रमा जब पृथ्वी की छाया में प्रविष्ट होता है, तब उसमे ग्रहण लगा हुआ दिखाई देता है। सूर्य ग्रहण में चन्द्रमा सूर्य बिम्ब में प्रविष्ट होता है। इसी कारण से चन्द्रमा का ग्रहण पश्चिम की ओर एवं सूर्य का ग्रहण पूर्व की ओर नहीं होता "। वराहमिहिर ने ग्रहण के प्रभावों का विस्तृत विवेचन अपने ग्रन्थ में किया था।
लगने वाला है साल का अंतिम चन्द्र ग्रहण जानिए कैसा है इसका असर
इस वर्ष 28 सितम्बर को चन्द्र ग्रहण लगने जा रहा है ग्रहण का आरंभ सुबह 6 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा जो पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूरोप सहित भारत के पश्चिमी हिस्से में दिखाई देगा। यह ग्रहण मीन राशि के उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में पड़ेगा। जलीय राशि मीन में पड़ने वाले इस ग्रहण पर मंगल की दृष्टि के प्रभाव से मौसम में तेज़ी से बदलाव आएगा। अक्टूबर में तापमान अपेक्षाकृत कम रहेगा और 17 नवंबर को सूर्य के वृश्चिक राशि में प्रवेश के साथ ही हिमालय में बर्फ़बारी होगी और उत्तर भारत में सर्दी की शुरुआत होगी।
लगने वाला है साल का अंतिम चन्द्र ग्रहण जानिए कैसा है इसका असर
ग्रहण के प्रभाव से अक्टूबर के माह में भूकम्प की भी आशंका है। वृश्चिक राशि से प्रभावित दिल्ली-एनसीआर और वाशिंगटन में भूकंप का झटका महसूस किया जा सकता है। सिंह राशि से प्रभावित गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी भूकंपन की आशंका है। भूकंप की 28 सितंबर के ग्रहण और 13 अक्टूबर की पूर्णिमा के आसपास महसूस किया जा सकता है।
लगने वाला है साल का अंतिम चन्द्र ग्रहण जानिए कैसा है इसका असर
नवंबर के महीने की शुरुआत में जब मंगल कन्या राशि में पहुंच कर ग्रहण के बिंदु को प्रभावित करेगा तब मध्य एशिया में अशांति फैलेगी। कन्या लग्न से प्रभावित इजराइल का फिलिस्तीन से तनाव फिर एक बार हिंसक रूप ले सकता है। येरूसलम शहर पर आतंकी हमले से यहूदियों और मुस्लिम समाज में तनाव बढ़ेगा। पश्चिम एशिया की इस अशांति से पेट्रोल की कीमतों में अचानक से वृद्धि होगी और शेयर बाजार में गिरावट। आइये अब ग्रहण का राशि पर भी प्रभाव देख लें।