गुरू चलेंगे 4 महीने अब उलटी चाल, जानिए किसे करेंगे मालामाल
Sat, 09 Jan 2016 03:40 PM IST
Updated Sat, 09 Jan 2016 03:40 PM IST
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देवताओं के गुरू बृहस्पति 8 जनवरी को सुबह 10 बजकर 05 मिनट पर सिंह राशि में वक्री हो चुके हैं। अब गुरू इसी चाल से चार महीने चलेंगे और पुनः 9 मई की शाम 05.39 बजे से मार्गी यानी सीधी चाल चलेंगे। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी ग्रह के वक्री होने का अर्थ है, उसका अपने ही मार्ग से पुनः वापस लौटना अथवा विपरीत दिशा में चल पड़ना। इससे वक्री हुए ग्रह से मिल रही सकारात्मक ऊर्जा का रुक जाना। गुरु को अध्यात्म ज्ञान का प्रकाशक कहते हैं। यह ब्रह्मज्ञान, शिक्षण संस्थाओं, धार्मिक कार्यों, धर्माचार्यों एवं शासन सत्ता के सलाहकारों के कारक हैं। पं जयगोविन्द शास्त्री बताते हैं कि, गुरू के वक्री होने का अर्थ है इन इन क्षेत्रों में चुनौतियां और कठिनाइयां बढेंगी।
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गुरुग्रह के वक्री होने का असर संत-महात्माओं यानी अच्छे लोगों पर खासतौर पर होता है। उन पर आक्षेप और पर आरोप प्रत्यारोप लगते हैं। जन्म कुंडली में बृहस्पति की शुभ स्थिति हमें आत्मबोध की ज्योति है अतः इनका वक्री होना, उच्च राशि अथवा नीच राशि में जाना या स्वगृही, मित्रगृही, दिग्बली, दृष्टि सम्बन्ध आदि सब जीवन के अति महत्व पूर्ण अंग है।
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गुरू जब मार्गी रहते हैं तो बुद्धि को सही दिशा में चलाते है किन्तु वक्री होने पर भय-भ्रम और विषाद पैदा कर देतें हैं जिनकी कुंडली में गुरु अशुभ भाव अथवा अशुभ राशि में हों वे इस अवधि में अधिक परेशान होंगें, क्योंकि अशुभ गुरु के समय व्यक्ति भावावेश में कई ऐसे निर्णय ले लेता है जो स्वयं उसी के लिए आत्मघाती सिद्ध होते हैं यहाँ तक कि सरकारें भी न्याय और नितिपरक निर्णय लेने में असमर्थ हो जाती हैं। मंत्रिमंडल में अधिकतर फेरबदल अथवा विस्तार ऐसी ही अवधि में होते हैं।
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सभी राशि वालों के लिए यह समय बड़ी ही सूझ-बूझ और सावधानी बरतने का है अतः संयम से काम और निर्णय लें। अशुभ गुरु की शांति के लिए ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः, मंत्र का जप करना तथा गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना उत्तम रहेगा। बृहस्पति का ही गायत्री मंत्र 'ॐ अंगिरो जाताय विद्महे वाचस्पतये धीमहि तन्नो गुरु प्रचोदयात्' का जप हर तरह की गुरुजन्य परेशानियों से मुक्ति देगा। आइए अब जाने गुरू के वक्री होने का राशियों पर प्रभाव
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छात्रों के लिए अगला चार महीना शुभ रहने वाला है। पढ़ने-लिखने में रुचि बढ़ेगी और इसका लाभ भी मिलेगा। सामाजिक कार्यों में भाग लेंगे और मान-सम्मान बढ़ेगा। लेकिन संतान और परिवार के मामले में परेशानी आ सकती है। नौकरी व्यवसाय में परिवर्तन करने जा रहे हैं तो हर पहलू पर अच्छी तरह विचार करके फैसला लें।
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