रंगों की अपनी सौंदर्यता होती है, रंगों में एक आकर्षण होता है और रंग व्यक्ति के ऊपर अपना प्रभाव डालते हैं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रत्येक ग्रह का अपना निश्चित रंग होता है और यह व्यक्तित्व को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। होली में जो रंग खेलने के लिए इस्तेमाल होते हैं। यदि उनमें रासायनिक तत्वों का प्रयोग हुआ है तो वो हमारे लिए लाभकारी नहीं, अपितु नुकसानदायक हैं। क्योंकि इससे संबधित ग्रह का प्रभाव हमारे लिए नकारात्मक हो जाता है और हम कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार होते हैं।
Holi 2021: इस तरह होली में प्राकृतिक रंगों का करें उपयोग, ग्रह प्रसन्न होकर देंगे आशीर्वाद
प्राकृतिक रंगों ग्रह होंगे प्रसन्न
यदि हम प्राकृतिक रूप से बने हुए रंगों का प्रयोग करें तो ये हमारे लिए अत्यंत लाभकारी होंगे और सबंधित ग्रह का सकारात्मक प्रभाव हमारे ऊपर पड़ेगा और होली के त्योहार का आनंद कई गुना बढ़ जाएगा। होली के प्राकृतिक रंगों को हम अपने घर में आसानी से तैयार कर सकते हैं, आइये जानते हैं कैसे हम प्राकृतिक रंगों को तैयार करके होली के त्योहार का आनंद लें।
हरा रंग बनाने के लिए हम मेंहदी पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं, वैसे भी मेंहदी का इस्तेमाल मांगलिक अवसरों पर किया जाता है, हरे रंग के लिए मेंहदी को आटे के साथ मिलाकर सूखा हरा रंग तैयार किया जा सकता है, इससे होली खेलने से बुध ग्रह सकारात्मक होंगे।
पीला रंग देवगुरू बृहस्पति का रंग है, इसे बनाने के लिए हल्दी व बेसन का प्रयोग किया जा सकता है, इसमें जितनी मात्रा में हल्दी ली जाए उससे दोगुने मात्रा में बेसन मिलाया जाये आमतौर पर इसका उपयोग उबटन के लिए किया जाता है, पीला रंग बनाने में गेंदे, टेशू के फूलो का प्रयोग भी कर सकते हैं, इसके लिए इन फूलों को पानी में उबालकर रातभर छोड़ दें और सुबह इस रंग का इस्तेमाल होली खेलने में करें।
लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है, और मांगलिक कार्यों में यह बहुत शुभ माना जाता है, लाल रंग बनाने के लिए लाल चंदन का प्रयोग किया जा सकता है, इसमें गुड़हल के फूलों को सुखाकर और पीसकर मिलाया जा सकता है, इससे लाल गुलाल और भी खूशबूदार हो जाता है, गीला रंग बनाने के लिए थोड़ी मात्रा में लाल चंदन पाउडर में पानी मिला सकते हैं।