ये तो सभी को पता है कि किसी भी धर्म में लोग जब धार्मिक स्थलों पर जाते हैं, तो जूते चप्पल बाहर ही निकाल कर जाते हैं, लेकिन इसके अलावा भी हमारे शास्त्रों में ऐसे चार और स्थानों के बारे में बताया गया है, जहां पर भूल से भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। इन जगहों पर जूते-चप्पल पहन कर जाने से देवी-देवताओं का अपमान होता है। जिसके कारण आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपको अन्न और धन की कमी का सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं किन जगहों पर जूते चप्पल पहनकर जाना होता है वर्जित...
देव स्थान के अलावा चार जगहों पर भी जूते-चप्पल पहनकर कभी न जाएं, अन्न और धन की हो जाती है कमी
रसोई घर एक ऐसा स्थान है, जहां घर की गृहिण सारे परिवार के लिए भोजन बनाती है। इस स्थान को अन्नपूर्णा का स्थान माना गया है, साथ ही रसोई एक ऐसा स्थान है जहां अग्नि भी होती है। इसलिए जब आप रसोई में जूते चप्पल पहन कर जाते हैं, तो मां अन्नपूर्णा और अग्नि देव, दोनों का अपमान होता है।
जहां पर आप अनाज रखते हैं या फिर अनाज रखने के लिए भंडार घर बना हुआ है तो वहां पर भूलकर भी जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए। यदि आप भंडार गृह में जूते चप्पल पहनकर जाते हैं तो अन्न का अपमान होता है।
धन रखने की अलमारी या तिजोरी के पास
हमारे धन रखने का स्थान या तिजोरी को मां लक्ष्मी का स्थान माना गया है, इसलिए जब आप तिजोरी या फिर अलमारी में धन रख रहे हो या फिर धन निकाल रहे हो तो बिलकुल भी जूते चप्पल पहनकर न रखें। हमेशा जूूते-चप्पल उतार कर ही तिजोरी के पास जाना चाहिए।
नदी
नदियां जीवन दायिनी है और हिंदू सनातन धर्म में तो नदियों को पूजा जाता है। इसलिए यदि आप कहीं घूमने जाते हैं, जहां पर नदी है तो कभी भी जूते-चप्पल के साथ नदी में प्रवेश नहीं करना चाहिए। ऐसा करके आप नदी के जल को तो दूषित करते ही हैं साथ ही इसे पाप भी माना गया है। नदी में स्नान करने जाते समय या मुंह-हाथ भी धो रहे हैं तो चमड़े की वस्तुएं निकाल देना चाहिए।