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पढ़ें, उभरते युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों के अनोखे रिकॉर्ड
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 19 Jul 2015 05:29 PM IST
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देश के उभरते बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन और युवा बैडमिंटन स्टार कुहू गर्ग ने स्टेट चैंपियनशिप में खिताबों की झड़ी लगा दी।
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दोनों ने कुल 11 फाइनल जीते। इसमें कुहू ने 6 तो लक्ष्य सेन ने 5 खिताबों पर कब्जा जमाया। सभी खिताबों पर कब्जा जमाकर दोनों ने अपने खेल कौशल और क्षमता को भी प्रदर्शित किया है। खास बात यह है कि एक ही दिन में दोनों ने सारे फाइनल मुकाबले खेले और जीते भी।
अल्मोड़ा निवासी बैडमिंटन प्रशिक्षक डीके सेन के छोटे बेटे लक्ष्य सेन की उम्र अभी 14 साल पूरी होने वाली है। अंडर-19 विंबल्डन, अंडर-19 स्विस ओपन का खिताब जीत चुके लक्ष्य वर्ष 2015 में पहली बार अपने गृह प्रदेश में स्टेट चैंपियन के दौरान ओपन वर्ग में खेलने उतरे।
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अपनी उम्र से बड़े और काफी वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच लक्ष्य सेन ने खेल से सबको चित कर अपना रास्ता बनाया और खिताब अपने नाम कर लिया। लक्ष्य की मानें, तो खेल के मैदान में जो बेहतर खेलता है वही जीतता है। वहीं देहरादून निवासी एडीजी अशोक कुमार की बेटी कुहू गर्ग भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चमक बिखेर चुकी हैं।
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एशियन चैंपियनशिप में देश की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी कुहू ने स्टेट चैंपियनशिप के सभी छह खिताब पहली बार अपनी झोली में डाल लिए हैं।
थकने के बावजूद लगातार छह फाइनल खेलकर कुहू ने जीत हासिल कर अपनी क्षमता से सभी को प्रभावित किया है। हर सुबह और शाम तीन से चार घंटे का अभ्यास और कोच के बताए रास्ते पर चलना, यही कुहू की जीत का राज है।