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पहली बार सिटी ब्यूटीफुल में लड़कियां बनेगी ये
संजीव पंगोत्रा
Updated Tue, 17 Dec 2013 12:32 PM IST
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विदेश की तर्ज पर अब देश में पहली बार सिटी ब्यूटीफुल में लड़कियां कैडी बनेंगी। खास बात यह होगी कि ये लड़कियां संपन्न परिवारों से न होकर गरीब घरों से होगी।
इससे वे न केवल अपने घर का खर्च चला पाएंगी, बल्कि महिला गोल्फरों के लिए कैडी का रोल भी निभा सकेगी। चंडीगढ़ गोल्फ एसोसिएशन (सीजीए) ने यह मौका दिया है।
डीआईआर एनजीओ के बच्चों को सीजीए में जूनियर कैडी प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रोगाम के तहत जनता कॉलोनी और आदर्श कॉलोनी के गरीब परिवार के बच्चों को सीजीए में 12 दिन की कैडी की ट्रेनिंग दी जाएगी।
आदर्श नगर की आरती मिश्रा चार भाई-बहनों में से सबसे बड़ी हैं। मां घरों में कामकाज कर परिवार चलाती है। आरती एनजीओ की मदद से पढ़ाई कर रही हैं। वह 12वीं कक्षा के प्राइवेट परीक्षाएं देगी।
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गरीब होने के कारण आरती ने कभी नहीं सोचा था कि कभी नहीं सोचा था कि वह पढ़ाई कर पाएगी। सीजीए ने उसे सुनहरी मौका दिया है।
आरती के मुताबिक वह इसे हाथ से नहीं गवाएंगी। उनका लक्ष्य कैंप में कड़ी मेहनत कर सफल कैडी बनना है। कैडी का काम करने से जो रुपये मिलेंगे उससे परिवार का हाथ बंटेगा।
नया गांव में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा निधि सिंगला ने बताया कि उसके पिता परचून की छोटी सी दुकान करते हैं। परिवार का खर्च मुश्किल से चलता हैं। उनका मकसद गोल्फ कोच बनना है।
चंडीगढ़ गोल्फ एसोसिएशन (सीजीए) के प्रधान सीएसआर रेड्डी ने बताया कि जूनियर कैडी प्रोगाम को पहली बार सिटी के सीजीए में कराया जा रहा हैं। इसमें 14 आयु वर्ष से ऊपर के गरीब परिवार के बच्चों को कैडी बनने की ट्रेनिंग दी जा रही हैं।
ट्रेनिंग के बाद बन सकती हैं कोच, प्रोफेशनल
सीजीए के कोच जैसी ग्रेवाल ने बताया कि इसी रेंज में पहले रजिंदर, रामपाल, रूप सिंह, सुरजीत मंडल, सरवन हुसैन कैडी थे। अब वे प्रोफेशनल गोल्फर बन चुके हैं। इन्हीं में से एक महेश कुमार सीजीए में जूनियर के कोच नियुक्त हैं। उन्हीं की राह पर चलते हुए ये गरीब बच्चं कैडी केबाद प्रोफेशनल गोल्फर और कोच भी बन सकते हैं।
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इससे वे न केवल अपने घर का खर्च चला पाएंगी, बल्कि महिला गोल्फरों के लिए कैडी का रोल भी निभा सकेगी। चंडीगढ़ गोल्फ एसोसिएशन (सीजीए) ने यह मौका दिया है।
डीआईआर एनजीओ के बच्चों को सीजीए में जूनियर कैडी प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रोगाम के तहत जनता कॉलोनी और आदर्श कॉलोनी के गरीब परिवार के बच्चों को सीजीए में 12 दिन की कैडी की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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आदर्श नगर की आरती मिश्रा चार भाई-बहनों में से सबसे बड़ी हैं। मां घरों में कामकाज कर परिवार चलाती है। आरती एनजीओ की मदद से पढ़ाई कर रही हैं। वह 12वीं कक्षा के प्राइवेट परीक्षाएं देगी।
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गरीब होने के कारण आरती ने कभी नहीं सोचा था कि कभी नहीं सोचा था कि वह पढ़ाई कर पाएगी। सीजीए ने उसे सुनहरी मौका दिया है।
आरती के मुताबिक वह इसे हाथ से नहीं गवाएंगी। उनका लक्ष्य कैंप में कड़ी मेहनत कर सफल कैडी बनना है। कैडी का काम करने से जो रुपये मिलेंगे उससे परिवार का हाथ बंटेगा।
नया गांव में ग्यारहवीं कक्षा की छात्रा निधि सिंगला ने बताया कि उसके पिता परचून की छोटी सी दुकान करते हैं। परिवार का खर्च मुश्किल से चलता हैं। उनका मकसद गोल्फ कोच बनना है।
चंडीगढ़ गोल्फ एसोसिएशन (सीजीए) के प्रधान सीएसआर रेड्डी ने बताया कि जूनियर कैडी प्रोगाम को पहली बार सिटी के सीजीए में कराया जा रहा हैं। इसमें 14 आयु वर्ष से ऊपर के गरीब परिवार के बच्चों को कैडी बनने की ट्रेनिंग दी जा रही हैं।
ट्रेनिंग के बाद बन सकती हैं कोच, प्रोफेशनल
सीजीए के कोच जैसी ग्रेवाल ने बताया कि इसी रेंज में पहले रजिंदर, रामपाल, रूप सिंह, सुरजीत मंडल, सरवन हुसैन कैडी थे। अब वे प्रोफेशनल गोल्फर बन चुके हैं। इन्हीं में से एक महेश कुमार सीजीए में जूनियर के कोच नियुक्त हैं। उन्हीं की राह पर चलते हुए ये गरीब बच्चं कैडी केबाद प्रोफेशनल गोल्फर और कोच भी बन सकते हैं।