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बलात्कार और राजनीति
अमर उजाला/दिल्ली
Updated Thu, 28 Nov 2013 02:45 PM IST
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यह ठीक है कि तरुण तेजपाल की खोजी पत्रकारिता से एक राजनीतिक दल को नुकसान उठाने पड़े हैं। और उसे लगता है कि इसके पीछे प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल होगा। लेकिन जब तरुण तेजपाल पर बलात्कार का मामला दर्ज हो रहा है तब इसे राजनीति से ऊपर उठकर देखने की जरूरत है। दोनो ही दलों को समझना होगा कि यह सामाजिक शुचिता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। इस बात से अपराध छोटा या बड़ा नहीं हो सकता कि अभियुक्त किस राजनीतिक दल का करीबी है।
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