{"_id":"777a24fa019ca9757b5ebf65be35ddd3","slug":"quick-edit-on-arvind-kejriwal-dharna","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या ये दिल्ली की जीत है?","category":{"title":"Other Archives","title_hn":"अन्य आर्काइव","slug":"other-archives"}}
क्या ये दिल्ली की जीत है?
टीम डिजिटल /अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Jan 2014 02:10 PM IST
विज्ञापन
करीब 30 घंटे तक दिल्ली की खास सड़क पर अफरातफरी के बाद आम आदमी पार्टी का धरना खत्म हो गया। पहले निलंबन पर अड़े अरविंद केजरीवाल दो पुलिसकर्मियों को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद अपना धरना खत्म करने के लिए राजी हो गए। उप राज्यपाल के इस आदेश को उन्होंने दिल्ली के लोगों की जीत करार दिया है। भले ही आम आदमी पार्टी इसे दिल्ली की जनता की जीत करार दे रही हो लेकिन इससे जनता को जो परेशानी हुई है वो जगजाहिर है। लोग सड़क जाम से परेशान रहे और मेट्रो बंद होने से आने-जाने में खासी दिक्कत हुई है। अब सवाल ये है कि जब इस सूरत में धरना खत्म ही करना था तो दिल्ली की आम जनता को बेकार में क्यों परेशानी में डाला गया?
विज्ञापन