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परमाणु ऊर्जा से चलेगा चीन का चंद्रयान
बीजिंग/एजेंसी
Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
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चीन अपने पहले विशेष चंद्रयान को परमाणु ऊर्जा से संचालित करेगा। दिन के समय यान सौर ऊर्जा से संचालित होगा, जबकि रात में वह परमाणु ऊर्जा से संचालित होगा। इस चंद्रयान को अगले साल तक चंद्रमा के सतह पर उतारे जाने की उम्मीद है।
लूनर प्रोजेक्ट के मुख्य वैज्ञानिक ओयुयांग जियूयान ने बताया कि चंद्रयान में लगाई जाने वाली बैटरी यान को 30 साल तक ऊर्जा की आपूर्ति करती रहेगी। इस बैटरी में प्लूटोनियम-238 का उपयोग किया गया है। हालांकि यान पर नियंत्रण पृथ्वी से ही किया जाएगा। यह तीन महीनों तक चंद्रमा के सतह पर भ्रमण करेगा।
उन्होंने बताया कि रूस और अमेरिका के बाद चीन स्पेस मिशन में परमाणु तकनीक का उपयोग करने वाला दुनिया का तीसरा राष्ट्र होगा। गौरतलब है कि चंद्रमा पर 14 दिनों की एक रात होती है और तापमान भी काफी कम होता है। ऐसे में चंद्रयान परमाणु बैटरी से ऊर्जा प्राप्त करता रहेगा।
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लूनर प्रोजेक्ट के मुख्य वैज्ञानिक ओयुयांग जियूयान ने बताया कि चंद्रयान में लगाई जाने वाली बैटरी यान को 30 साल तक ऊर्जा की आपूर्ति करती रहेगी। इस बैटरी में प्लूटोनियम-238 का उपयोग किया गया है। हालांकि यान पर नियंत्रण पृथ्वी से ही किया जाएगा। यह तीन महीनों तक चंद्रमा के सतह पर भ्रमण करेगा।
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उन्होंने बताया कि रूस और अमेरिका के बाद चीन स्पेस मिशन में परमाणु तकनीक का उपयोग करने वाला दुनिया का तीसरा राष्ट्र होगा। गौरतलब है कि चंद्रमा पर 14 दिनों की एक रात होती है और तापमान भी काफी कम होता है। ऐसे में चंद्रयान परमाणु बैटरी से ऊर्जा प्राप्त करता रहेगा।
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