अंतरिक्ष में कई अभियानों को अंजाम देंगी सुनीता

बैकोनुर (कजाकिस्तान)/एजेंसी Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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भारतीय मूल की अमेरिकी सुनीता विलियम्स फिर ‘अंतरिक्ष की सैर’ पर हैं। 46 वर्षीय इस ‘उड़नपरी’ ने रशियन फेडरल स्पेस एजेंसी के यूरी मालेंशेंको और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के अकिहिको होशिदे के साथ रूसी सोयुज रॉकेट से कजाकिस्तान के बैकानुर स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार सुबह 8:10 बजे उड़ान भरी।

तीनों यात्रियों को लेकर अंतरिक्ष पहुंचा सोयुज टीएमए-05 एम मंगलवार को 10:22 बजे इंटरनेशन स्पेस स्टेशन (आइएसएस) से जुड़ेगा। आइएसएस पर इस दल का मिशन चार माह का है। अमेरिका के ओह्यो स्टेट के इयुकलिड में जन्मी और मैसाच्युसेट्स में पली-बढ़ीं सुनीता इससे पहले 2006 में भी छह माह का समय आइएसएस पर बिता चुकी हैं।

सुनीता के पिता मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं। अपनी इस दूसरी यात्रा के दौरान सुनीता अंतरिक्ष में किसी महिला द्वारा गुजारे गए सबसे लंबी अवधि के रिकॉर्ड को आगे बढ़ाएंगी।

आइएसएस से ओलंपिक देखेंगी सुनीता विलियम्स
ह्यूस्टन। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स आगामी 27 जुलाई से लंदन में शुरू हो रहे ओलंपिक को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आइएसएस) से देखने को लेकर उत्साह से भरी हैं। कजाकिस्तान से रविवार सुबह उड़ान से पहले उन्होंने ‘नासा’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि आइएसएस के वैश्विक सहयोग बढ़ाने के लक्ष्य और ओलंपिक की विचारधारा में काफी समानता है। ओलंपिक खेल भी आखिरकार दुनिया के देशों के बीच दोस्ती को बढ़ावा देते हैं।

सुनीता ने कहा, ओलंपिक में अंतराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले होते हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच दोस्ती को बढ़ावा देना ही है। अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन भी ठीक यही कर रहा है। गौरतलब है कि नौसेना अकादमी के अपने दिनों में सुनीता की खेलों में काफी रुचि थी। उन्होंने कहा, ‘मैं वहां तैराकी टीम में थी।

क्रास कंट्री टीम और बाइक क्लब का भी हिस्सा थी। खेलों के बारे में मैं बहुत कुछ जानती हूं।’ यह पूछने पर कि क्या आइएसएस में भी ओलंपिक जैसे खेलों का कोई आयोजन करेंगी, सुनीता ने कहा, ‘निश्चित रूप से। आइएसएस में अंतरराष्ट्रीय दल के सदस्य हैं। मुझे लगता है कि मैं सोयुज दल बनाम सोयुज दल जैसे मुकाबले कर सकते हैं।

अंतरिक्ष से डालेंगी वोट
सुनीता विलियम्स अमेरिका में आगामी छह नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में आइएसएस से मतदान करेंगी। इसके करीब एक सप्ताह बाद 12 नवंबर को उनका वापस आने का कार्यक्रम है। सुनीता अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के विशेष प्रोग्राम ‘वोटिंग फ्रॉम स्पेस’ के तहत मतदान करेंगी। अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में बराक ओबामा का रिपलब्लिक पार्टी के मिट रोमनी से मुकाबला है।

रिसर्च का काम करेंगी
* सुनीता व अन्य दोनों यात्रियों को लेकर पहुंचा रॉकेट मंगलवार को आइएसएस से जुड़ेगा।
* अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचकर सुनीता एक्सपेडिशन- 33 की कमांडर के रूप में काम करेंगी। वहां तीनों की भेंट आइएसएस पर पहले से मौजूद रूसी अंतरिक्ष यात्री गेन्नाडी पडालका, सर्गेई रेविन व नासा के जो अकाबा से होगी।
* छहों अंतरिक्ष यात्री करीब दो महीने तक साथ काम करेंगे। अकाबा, पडालका और रेविन का 17 सितंबर को वापसी का कार्यक्रम है जबकि सुनीता इसी वर्ष 12 नवंबर को लौटेंगी। अपने प्रवास के दौरान वे 30 से ज्यादा वैज्ञानिक अभियानों को अंजाम देंगी।

क्या है दोबारा
-जापानी अकिहिको इससे पहले भी आईएसएस में रह चुके हैं लेकिन रूसी सोयुज से उड़ान भरने का उनका पहला मौका है।
-रूस के मालेंशेंको सोयुज स्पेस शिप के पायलट हैं। वे इससे पहले मीर ऑरिबटल स्टेशन पर तीन अभियान दल का हिस्सा रहे हैं।

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