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कमेटी तय करेगी निजी स्कूलों की फीस

Sat, 11 Nov 2017 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो , फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो , फतेहपुर Updated Sat, 11 Nov 2017 11:54 PM IST
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Committee will fix fees for private schools
कार्यशाला में डीएम कुमार प्रशांत व अन्य अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला

डीएम कुमार प्रशांत ने शनिवार को निजी स्कूलों में लगने वाली फीस के बदले दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज वीआईपी रोड पर हुई हुई कार्यशाला में 10 सूत्री बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद नौ सदस्यीय शुल्क निर्धारण कमेटी गठित की गई। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह को अध्यक्ष बनाया गया।

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सर्वोदय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य जवाहर सिंह राठौर, महर्षि विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य एके मिश्रा, सीपीएस के प्रबंधक सुनील श्रीवास्तव, आरवीएस की प्रिंसिपल लिलियन पीटरसन, प्लेेवे इंग्लिश स्कूल के प्रधानाचार्य राजकुमार मौर्य, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य रामसिंह, सरस्वती बाल मंदिर इंटर कालेज रघुवंशपुरम के प्रबंधक राकेश त्रिवेदी, अभिभावक संघ अध्यक्ष दीपक कुमार डब्लू सदस्य बनाए गए है।
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डीएम ने कहा कि निजी स्कूल फीस निर्धारित करने से पहले दी जाने वाली सुविधाओं का ब्योरा प्रस्तुत करें। इसके अलावा सलाना ऑडिट रिपोर्ट प्रशासन के सामने प्रस्तुत करना होगा। सभी स्कूल छात्रों को मासिक फीस वसूली की रसीद देंगे। कोई भी स्कूल बिना एनओसी के छात्रावास संचालन नहीं करेगा। कालेजों में सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य है। कोई भी स्कूल अनफिट वाहनों का प्रयोग नहीं करेगा। स्कूल के समस्त स्टाफ को आईकार्ड लगाना अनिवार्य होगा।
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कार्यशाला में हर स्कूल को मतदाता जागरूकता चलाने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी एसपी आनंद ने भारत स्वच्छता मिशन को लेकर चर्चा की। कार्यशाला में डायट प्राचार्य डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त संचालन वरिष्ठ सहायक विनोद कुमार श्रीवास्तव व सुशील शुक्ला ने किया।
कार्यशाला के अन्य निर्णय
शारीरिक सुरक्षा : छात्रों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने, हेल्थ कार्ड, पार्ट टाइम डाक्टर और स्टाफ की नियुक्ति, छात्रों को पौष्टिक आहार के विषय में बताना।

भावनात्मक सुरक्षा : स्कूल में योग्य काउंसलर की नियुक्ति करना, प्रत्येक छात्र को अपनी बात रखने का मौका देना।
सामाजिक सुरक्षा : प्रत्येक बच्चे को आपस में जुड़े रहने के लिए प्रेरित करना, सामाजिक कुरीतियों से दूर रखना।
साइबर सुरक्षा : कंप्यूटर इंटरनेट सर्विस तथा मोबाइल का बच्चों को अकेले में प्रयोग न करने की नसीहत देने, सोशल नेटवर्किंग साइट कालेज समय में बंद रखने को कहा गया।

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