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जांच में अमानक मिले 37 नर्सिंग होम

Wed, 19 Jul 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद Updated Wed, 19 Jul 2017 12:05 AM IST
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37 nursinghomes not found leagle
डेमो - फोटो : demo pic

फर्रुखाबाद।

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जिले में चल रहे तकरीबन एक सैकड़ा नर्सिंग होमों में 37 नर्सिंग होम अमानक पाए गए हैं। इन नर्सिंग होमाें में तमाम खामियां मिलने के बावजूद मंजूरी दे दी गई है। खास बात यह कि इन नर्सिंग होमों को अग्निशमन अधिकारी द्वारा एनओसी भी नहीं दी गई है। इनमें आग से बचाव के कोई उपाय नहीं किए गए हैं ऐसे में कभी भी हादसा होने पर हालात गंभीर हो सकते हैं।
लखनऊ के अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद हरकत में आए अग्निशमन विभाग ने नगर के नर्सिंग होमों की जांच की। इसमें अब तक मिले परिणामों में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अग्निशमन अधिकारी बीपी सिंह यादव का कहना है कि लखनऊ में हुए हादसे के बाद उन्होंने जिले में स्थित करीब 78 नर्सिंग होमाें की जांच कराई। अब तक 37 नर्सिंग होम अमानक पाए गए हैं। शेष 41 की जांच जारी है। उनका कहना है कि नर्सिंग होम चलाने के लिए कई मानक होते हैं। ये नर्सिंग होम इनमें से एक भी मानक को पूरा नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां लोगाें ने गली कूंचों और आवासीय भवनाें में नर्सिंग होम खोल रखे हैं, जो पूरी तरह से अमानक हैं। आग लगने की स्थिति में इन नर्सिंग होमों में क्या हालात उत्पन्न होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि जिन अस्पतालाें को अगिभनशमन विभाग द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया गया, तो उन्हें किस तरह से मंजूरी दे दी गई। यही नहीं इसके बाद लगातार इन नर्सिंग होमाें का नवीनीकरण भी हो रहा है।
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अग्निशमन अधिकारी बीपी सिंह यादव ने बताया कि जांच कार्य जारी है। लाइन में कोई सीओ न होने के कारण नर्सिंग होम मालिकों को नोटिस नहीं दिए जा सके हैं। सीओ की तैनाती होते ही छापामार अभियान और नोटिस जारी किए जाएंगे। अमानक नर्सिंग होम किसी भी कीमत पर चलने नहीं दिए जाएंगे।
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ये हैं अमानक नर्सिंग होम
मसेनी रोड पर स्थित कुंती हास्पिटल मसेनी रोड, श्रीराम हास्पिटल, नारायण हास्पिटल, श्री नारायण हास्पिटल, गायत्री हास्पिटल, श्रीकृष्णा हास्पिटल, भारती हास्पिटल। बाग लकूला में निर्मला हास्पिटल, लाईफ लाइन हास्पिटल, जगत जननी हास्पिटल, कुंबेर हास्पिटल कादरीगेट, संगम हास्पिटल ठंडी सड़क, आकाश गंगा हास्पिटल, सत्यम हास्पिटल बढ़पुर, नटराज हास्पिटल, दामिनी हास्पिटल, कुलदीप हास्पिटल, कलावती हास्पिटल याकूतगंज, ग्लोबल हास्पिटल नेकपुर, मार्डन हास्पिटल आवास विकास, बाला जी हास्पिटल मऊदरवाजा आदि।


ये हैं मानक
1- पांच सौ वर्ग मीटर वाले नर्सिंग होम के सामने 12 से 18 मीटर चौड़ी सड़क होना जरूरी है। दो सौ-तीन सौ वर्ग मीटर के हास्पिटल को अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा सकता।
2- तीन सौ से चार सौ वर्ग मीटर वाले नर्सिंग होम केवल दस बेड, चार सौ से पांच सौ वर्ग मीटर वाले नर्सिंग होम 15 बेड और पांच सौ से अधिक वर्ग मीटर वाले नर्सिंग होम बीस बेड डाल सकते हैं।
3- मुख्य द्वार पांच मीटर चौड़ा होना जरूरी है। पीछे की साइड में आपातकालीन द्वार होना जरूरी है।
4- दो मंजिल नर्सिंग होम में आने-जाने के लिए अलग-अलग जीना होनी चाहिए। जीने की चौड़ाई डेढ़ मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।
5- नर्सिंग होम के चाराें तरफ इतनी जगह खुली होनी चाहिए कि आग लगने पर फायरब्रिगेड की गाड़ी चारों ओर जाकर आग बुझा सके।
6- तीन सौ से पांच सौ वर्ग मीटर के नर्सिंग होम के सामने साढ़े चार मीटर जगह छूटी होनी चाहिए। पीछे भी चार मीटर और साइड में एक तरफ दो मीटर, दूसरी तरफ तीन मीटर जगह छूटी होनी चाहिये।

7- अस्पताल गली कूूूचा में नहीें होने चाहिये।
8- पांच सौ वर्ग मीटर परिसर में स्थित नर्सिंग होम में चार अगिभनशमन यंत्र, छह बाल्टी, एक समरसेबल और फायर अलार्म की व्यवस्था होनी चाहिए।



बोले जिम्मेदार
जिले भर में 78 नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, इन सब की जांच कराई जा रही है। जिन लोगाें के पास अगिभनशमन अधिकारी का अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं है, उनकी चेकिंग डिप्टी सीएमओ राजीव शाक्य के माध्यम से कराई जाएगी। अगिभनशमन अधिकारी खुद चेक कर अपनी रिपोर्ट भेज सकते हैं। बिन अनापत्ति के चल रहे नर्सिंग होमाें के पंजीकरण निरस्त किए जाएंगे और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
डा. चंद्रशेखर, मुख्य चिकित्साधिकारी।

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