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21 जोड़ों ने थामा एक दूजे का हाथ

Sun, 05 Nov 2017 12:44 AM IST
अमर उजाला फतेहपुर
अमर उजाला फतेहपुर Updated Sun, 05 Nov 2017 12:44 AM IST
सार

शहनाई की मधुर धुन और मंगल गीतों के बीच लाल जोड़े में सजी दुल्हनों ने दूल्हों को वर माला पहनाई तो पुष्प वर्षा होने लगी। यह नजारा था अमौली के बुढ़वा में आयोजित धर्म संस्कार महोत्सव में सर्वजातीय विवाह कार्यक्रम का। 

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21 couples have a second hand
सामूहिक विवाह में आशीष देते लाोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहनाई की मधुर धुन और मंगल गीतों के बीच लाल जोड़े में सजी दुल्हनों ने दूल्हों को वर माला पहनाई तो पुष्प वर्षा होने लगी। यह नजारा था अमौली के बुढ़वा में आयोजित धर्म संस्कार महोत्सव में सर्वजातीय विवाह कार्यक्रम का।  

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शनिवार को धर्म संस्कार महोत्सव में मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधान से 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। 70 फुट लंबे मंच पर एक साथ हुए जयमाल को लोग देखते ही रह गए। मुख्य अतिथि कारागार राज्य मंत्री जय कुमार जैकी ने आयोजन की सराहना की। कहा कि ऐसे मंचों से फिजूल खर्ची रुकती है। उन्होंने 51 हजार रुपये भी भेंट किये। मवई धाम के व्यवस्थापक स्वामी सिद्ध स्वरूप ने आशीष वचन दिए। कहा कि दो वर्ष पहले जब स्वामी परमानंद जी महाराज आए थे तब से ऐसी शादियों का सिलसिला शुरू हो गया। दहेज रहित ऐसी शादियों का तारतम्य टूटना नहीं चाहिए।
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हरिनारायण दुबे ने ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के लिए मिसाल बताया। समाजसेवी प्रमोद शुक्ला इतना प्रभावित हुए कि बेटे की शादी इसी मंच से कराने की घोषणा कर दी। संयोजक विमलेश त्रिवेदी ने कहा कन्या की कोई जाति नहीं होती। यह मंच सर्व समाज की बेटियों के लिए कार्य कर रहा है। संचालन उमेश त्रिवेदी ने किया। रामदास सचान, जितेंद्र सोनी, कमल किशोर, राकेश यादव, राजीव सैनी, रामलखन, छन्नी लाल, रानू मास्टर, जय मोहन वाल्मीकि, श्रीपाल, अरविंद, चंदन सचान, रिंकू सचान, रविकांत सचान, जगदीश पांडेय, शिवकरन सचान, इंद्रपाल सचान टीम के साथ लगे रहे।
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निशक्तों की भी बसी जिंदगी
सर्वजातीय विवाह कार्यक्रम में दो शादियां ऐसी भी हुई जो अलग रहीं। साल्हेपुर की उमा पैर से निशक्त हैं। उमा को कानपुर महानगर के भीतरगांव निवासी सुनील ने अपनाया। इन्होंने जैसे ही वरमाला डाली उमा खुशी से झूम उठीं। ऐसी ही खुशी अमौली की पैर से निशक्त सिंपी के चेहरे पर देखने को मिली। सिंपी को जीवन भर का साथ देने के लिए कुशल का डेरा गांव के हेम कुमार आगे आए।   

...और धन्य हो गए नाना
सर्व जातीय विवाह में एक दूजे के हुए युगल में रिंकी का पालन पोषण उनके नाना वंशगोपाल ने किया। रिंकी के माता और पिता की अर्से पहले मौत हो गई थी। इस कारण पूरी जिम्मेदारी नाना पर आ गई थी। रिंकी को कानपुर नगर के सजेती निवासी संदीप ने जैसे ही वरमाला पहनाई, वंशगोपाल की आंखें खुशी से छलक पड़ीं।

टूटे जातीय बंधन
इस मंच में एक ओर जहां सजातीय शादियां हुईं तो एक युगल अंतर्रजातीय बंधन में बंधा। कानपुर महानगर के बौद्धनगर नौबस्ता की रहने वाली प्रिंयका श्रीवास्तव को जीवनसाथी के रूप में कानपुर महानगर के चंदापुर गांव निवासी सतीश सचान मिले।

 
हवन पूजन के साथ भंडारा
धर्म संस्कार महोत्सव में यज्ञ की पूर्णाहुति प्रमुख यजमान प्रेम चंद्र शुक्ला उनकी पत्नी प्रभा शुक्ला ने दी। आचार्यों ने मंत्रोच्चारण के साथ पूर्णाहुति दी। इसके बाद संतों व कन्याओं का पूजन किया गया। बुढ़वा प्रधान राम प्रकाश ने संतों को पात्र, वस्त्र और दक्षिणा देकर विदाई दी।

परिणय बंधन में बंधे जोड़े
1- रजनी गुप्ता (काशीपुर रूरा कानपुर देहात) संग पंकज (ऋषि नगर उन्नाव)
2- रेनू गुप्ता (बक्सरा श्रीनगर घाटमपुर) संग नीरज (मिर्जापुर जहानाबाद)
3- अंजली गुप्ता (मझावन बिधनू कानपुर) संग पवन(सिर्ठरा जहानाबाद)
4- खुशबू गुप्ता (सराय गढ़ेवा कानपुर देहात) संग राम भजन (महोली कला बांदा)
5- रूबी गुप्ता (बुढ़वा फतेहपुर) संग अंकुर (निरखी फतेहपुर)
6- लाली सविता (बुढ़वा फतेहपुर) संग राहुल (गौरीकरन कानपुर देहात)
7- मधु विश्वकर्मा (बुढ़वा फतेहपुर) संग सुरेंद्र (कुंवरपुर गजनेर कानपुर देहात)
8- श्वेता विश्वकर्मा (बुढ़वा फतेहपुर) संग सुमित (विजय नगर कानपुर)
9- अर्चना विश्वकर्मा(मौली लोगांव फतेहपुर) संग वेद प्रकाश (आजमपुर गढ़वा फतेहपुर)
10- रिंकी कोरी (बुढ़वा फतेहपुर) संग संदीप (सजेती कानपुर)
11- ज्योति यादव (गुजैनी बर्रा कानपुर) संग शिवेंद्र (भैरमपुर पराश कानपुर)
12- प्राची सचान (गोपालपुर कानपुर) संग अंकुश (फत्तेपुर नौरंगा कानपुर)
13- प्रियंका (बौद्ध नगर नौबस्ता कानपुर) संग सतीश (चंदापुर कानपुर)
14- सिंपी उत्तम (जाफरपुर जहानाबाद) संग हेम कुमार (कुशल का डेरा जहानाबाद)
15- सुनैना कुरील (बसंतीखेड़ा मंडराव फतेहपुर) संग अंकुश (जाफराबाद फिरोजाबाद)
16- रविता कुरील (गोपालपुर कानपुर) संग संदीप (देवपुरा कानपुर)
17- सीमा कुरील (गोपालपुर कानपुर) संग विमल कुमार (अमौली ठकुरन रूरा कानपुर देहात)
18- रोशनी कुरील (माधवपुर फतेहपुर) संग अनिलेश (उमरा रसूलपुर)
19- सुमन कुरील (पथरावन सैनी कौशांबी) संग सुरेंद्र (लालीपुर हुसैनगंज फतेहपुर)
20- पूजा देवी (चतनपुर मदरी अमौली) संग करन (चौधराना नौरंगा हमीरपुर)

21- उमा सोनकर (साल्हेपुर चांदपुर फतेहपुर) संग सुनील (मड़ेपुर भीतरगांव कानपुर)

शहनाई की मधुर धुन और मंगल गीतों के बीच लाल जोड़े में सजी दुल्हनों ने दूल्हों को वर माला पहनाई तो पुष्प वर्षा होने लगी। यह नजारा था अमौली के बुढ़वा में आयोजित धर्म संस्कार महोत्सव में सर्वजातीय विवाह कार्यक्रम का।
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