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छह महीनों से डॉक्टर बनकर नेपाल में था भटकल
नई दिल्ली/काठमांडू/अतुल मिश्र
Updated Wed, 04 Sep 2013 12:55 AM IST
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इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) का संस्थापक सदस्य यासीन भटकल और उसका सहयोगी असदुल्लाह अख्तर छह महीनों से नेपाल में था। नेपाल के प्रमुख अखबार कांतिपुर ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।
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रिपोर्ट में उच्च पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा गया है की भटकल और असदुल्लाह फरवरी 2013 में पाकिस्तान से बांग्लादेश होते हुए नेपाल पहुंचे थे।
ये दोनों नेपाल और भारतीय पुलिस से बचने के लिए काठमांडू से दूर कास्की जिले के भरत पोखरी में रहते थे।
ये दोनों पर्यटन नगरी पोखरा के विभिन्न मदरसों में आयुर्वेद डॉक्टर के रूप में रहते आए थे। भटकल ने खुद को इमरान खान और असदुल्लाह ने यूनुस खान के रूप में पेश किया था।
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पुलिस सूत्रों का हवाला देते हुए अखबार ने लिखा है की उन दोनों को नेपाल पुलिस के सहयोग में पोखरा से नियंत्रण में लेकर सीमावर्ती भारतीय शहर रक्सौल पहुंचाया गया था।
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नेपाल पुलिस ने भटकल और असदुल्लाह को घर पर छापा मारकर पकड़ते वक्त दो लैपटॉप भी बरामद किए थे। बरामद लैपटॉप में आतंकवाद से जुड़ी जानकारियां होने का अनुमान है।
ये दोनों भारतीय नागरिक की हैसियत से नेपाल में रह रहे थे। इनके पास से पासपोर्ट नहीं मिला। दोनों दुबई के साथ ही बांग्लादेश और पाकिस्तान कई बार गए थे।
नेपाल पुलिस ने इस से पहले भी लश्कर-ए-ताइबा के अब्दुल करीम टुंडा को काठमांडू में पकड़कर भारतीय पुलिस को सौंपा था।
नेपाल पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक करीब एक दर्जन आतंकवादियों को पकड़कर भारतीय पुलिस को सौंपा जा चुका है।