फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Wife sent her husband in jail

पत्नी की ‘जेल थेरेपी’ ने पति का नशा छुड़वाया

Sat, 01 Mar 2014 01:03 AM IST
Updated Sat, 01 Mar 2014 01:03 AM IST
विज्ञापन
Wife sent her husband in jail

तीन महीने का यह अनूठा ‘इलाज’ निजी कंपनी के अधिकारी को नशे की कैद से आजाद कराने की जमानत बन गया। कभी पत्नी को कोसने वाला यह पति अब उसके गुन गाता नहीं थकता। गृहस्थी की बगिया में फिर से हंसी-खुशी के फूल खिलने लगे हैं।

विज्ञापन


कमलानगर की कल्पना श्रीवास्तव (नाम काल्पनिक) एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं। पति निजी कंपनी में अधिकारी हैं। पति के सिगरेट पीने की आदत के अलावा वैवाहिक जीवन में खुशहाल थी।
विज्ञापन


सिगरेट के लिए कल्पना पहले टोकती रहीं, जब कोई फर्क न पड़ा तो टोकना छोड़ दिया। उसे लगा कि वह खुद बदल जाएंगे। लेकिन सिगरेट छोड़ना तो दूर उन्होंने स्मैक का नशा भी शुरू कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

स‌िगरेट और स्मैक का हो गया था आदी

Wife sent her husband in jail

सिगरेट के लिए कल्पना पहले टोकती रहीं, जब कोई फर्क न पड़ा तो टोकना छोड़ दिया। उसे लगा कि वह खुद बदल जाएंगे। लेकिन सिगरेट छोड़ना तो दूर उन्होंने स्मैक का नशा भी शुरू कर दिया।

और यह सब घर में भी धड़ल्ले से चलने लगा। इससे कल्पना की जिंदगी में विवाद-झगड़े के कांटे उग आए। कल्पना की सारी कोशिशों से फर्क इतना ही पड़ा कि खुलेआम पीने वाले पति छिपकर पीने लगे।

इसे गृहस्थी की फिक्र कहिए या फिर संकल्प की ताकत उन्होंने अनूठा उपाय सोचा। कल्पना ने वकील से सलाह ली और खुद शिकायत कर पति को चाकू रखने के जुर्म में पुलिस से पकड़वा दिया।

जमानत भी पत्नी ने कराई

Wife sent her husband in jail

न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए। पत्नी ने जमानत भी न कराई। फिर वह जेल अधीक्षक से मिलीं। उन्हें सारी बात बताई और उन्हें नशा न मिलने पाए इस पर नजर रखने की गुजारिश की।

जेल अधीक्षक ने उनकी सोच का आदर करते हुए निगरानी का वादा पूरा किया। तीन माह बाद जब साफ हो गया कि वे नशे से दूर आ गए तो कल्पना ने जमानत पर रिहा करा लिया।

कहां मुंह लगी स्मैक न छूटती थी, अब तो सिगरेट भी छूट गई। जैसे पुनर्जन्म हुआ। अब वह कल्पना का पहले से ज्यादा ख्याल रखते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed