अब वेंकैया हुए लेटलतीफ बाबुओं पर सख्त
अचानक मंत्रालय के दौरे पर निकले नायडू को 80 कर्मचारी गैरहाजिर मिले। कुछ सीट पर मौजूद नहीं थे तो कुछ दफ्तर ही नहीं पहुंचे थे।
इससे नाराज नायडू ने नदारद कर्मचारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। उन्होंने लेटलतीफी को खत्म करने के लिए कड़े आदेश भी दिए।
बायोमैट्रिक मशीन से लगेगी हाजिरी
शहरी विकास मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में कर्मचारियों और अफसरों के लिए उपस्थिति दर्ज कराने को बायोमैट्रिक मशीन लगाने का फैसला लिया गया है।
दोनों मंत्रालयों के बड़े अधिकारियों को अगले हफ्ते से दफ्तर से गायब रहने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने का भी निर्देश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि उपस्थिति दर्ज करने के लिए रखे गए रजिस्टर को रिपोर्टिंग समय से 15 मिनट बाद हटा दिया जाए।
ऐसे में जो लोग देर से आएंगे उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा और दंड के रूप में उन्हें उस दिन के वेतन से हाथ धोना पड़ सकता है। जबकि जरूरत पड़ने पर इनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।
सूचना के बावजूद लेट आते हैं कर्मचारी
शहरी विकास मंत्रालय के सचिव शंकर अग्रवाल ने अगले दो हफ्तों में सभी उपायों को अमल में लाने का आश्वासन नायडू को दिया है।
सूत्रों के मुताबिक उन्हें पिछले कुछ दिनों से कर्मचारियों की लेटलतीफी और अक्सर अपनी जगह से गायब रहने की शिकायत मिल रही थी।
कर्मचारियों को सवा नौ बजे तक दफ्तर आने के लिए पहले सूचना देने के बावजूद ज्यादातर लोगों के देर से आने का सिलसिला जारी था। इसके बाद मंत्री ने औचक निरीक्षण की योजना बनाई।