राजनाथ को लेकर उद्धव का अहम खुलासा
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्होंने पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह से महाराष्ट्र चुनाव तक पार्टी प्रमुख की कुर्सी संभालने को कहा था और यदि वह ऐसा करते तो आज गठबंधन नहीं टूटता। उद्धव ने यह भी कहा कि सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और पार्टी के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी से बात की थी।
उद्धव ने न्यूज चैनलों से बातचीत में कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने को लेकर राजनाथ सिंह से उनकी बात हुई थी। राजनाथ ने कहा था कि मोदी के नाम की घोषणा की जाएगी। इसको लेकर आपका समर्थन चाहिए और राजनाथ के ऐसा कहने पर हमने समर्थन किया। वह एक ऐसे नेता हैं जो सबको साथ लेकर चल सकते हैं।
उद्धव ने कहा कि गठबंधन टूटने से पहले उन्होंने यहां तक कि आडवाणी जी से भी बात की तो उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन टूटता है तो यह अच्छा नहीं होगा। इस पर उद्धव ने कहा था कि अगर गठबंधन टूटता है तो आप कृपया हमें माफ कर दीजिएगा।
एनडीए से अलग होने पर शिवसेना में मतभेद
केंद्र सरकार से बाहर निकलने के ऐलान के बाद शिवसेना के यूटर्न लेने पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश वापसी के बाद केंद्रीय मंत्री अनंत गीते के इस्तीफे की बात कही थी और एनडीए सरकार से बाहर होने के भी संकेत दिए थे। मगर खुद केंद्रीय मंत्री अनंत गीते ने कहा है कि इस्तीफे देने का सवाल नहीं है। केंद्र में एनडीए सरकार को बनाने में शिवसेना का भी बहुत बड़ा योगदान है।
सूत्रों का कहना है कि उद्धव चाहते है कि केंद्र की एनडीए सरकार से शिवसेना चुनाव से पहले बाहर हो जाए लेकिन गीते इसके लिए तैयार नहीं है। उद्धव ने पहले बयान दिया था कि प्रधानमंत्री के लौटने के बाद गीते इस्तीफा दे देंगे। मगर अब उद्धव का कहना है कि प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ही समर्थन वापसी को लेकर अंतिम निर्णय होगा। दूसरी तरफ गीते इस्तीफा देने के लिए तैयार नहीं है।
माना जाता है कि गीते उद्धव के रुख से सहमत नहीं है। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में चार अक्तूबर को अपने चुनावी दौरे के दौरान उद्धव से मुलाकात कर सकते हैं।