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'अश्लील सामग्रियों की वजह से देश में बढ़ रहे हैं रेप'

Sun, 11 Oct 2015 07:44 PM IST
Updated Sun, 11 Oct 2015 07:44 PM IST
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Ubiquity of porn leading India to social crisis: CBI

इंटरनेट पर अश्लील सामग्रियों की उपस्थिति और उनकी लगातार बढ़ती तादात को लेकर सीबीआई ने एक गंभीर और चिंताजनक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है। इस रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा है कि इंटरनेट पर तेजी से बढ़ती अश्लील सामग्रियों की वजह से युवा पीढ़ी अपने नैतिक मूल्यों को भूलती जा रही है जिसकी वजह से देश में यौन शोषण की घटनाएं बढ़ रही हैं।

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सीबीआई ने अपने रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया है कि ऐसी परिस्थितियों से लड़ने के लिए एक ऐसी राष्ट्रीय एजेंसी की जरूरत है जो इंटरनेट पर और इसके माध्य में हो रहे यौन शोषण से निपटने में सक्षम हो। इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हुए एक हिंसक यौन उत्पीड़न के वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए सीबीआई ने कहा, 'इंटरनेट पर मौजूद अश्लील सामग्रियों की व्यापकता की वजह से रेप की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
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तेजी से हो रहे शहरीकरण की वजह से भी देश के समाज में एक जटिल सामाजिक संकट उत्पन्न हो गया है जो युवाओं को समाज से दूर कर रहा है। यह इस तरह के अपराधों को की संख्या में इसी वजह से वृद्धि हो रही है।'
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कहां जाए रेप पीड़ित

Ubiquity of porn leading India to social crisis: CBI

सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने जो रिपोर्ट दाखिल की है उसमें एक ओर तो वह इंटरनेट पर फैले अश्लील सामग्रियों को रेप जैसी घटनाओं के लिए एक अहम कारक मानते हैं वहीं दूसरी ओर यह भी कहते हैं कि जो अश्लील सामग्रियां इंटरनेट पर पोस्ट की गई हैं और वह प्रकाशित नहीं हुए हैं ऐसे साइबर अपराध से निपटने के लिए किसी भी राज्य पुलिस के पास पर कोई क्षेत्राधिकार, क्षमता या विशेषज्ञता नहीं है।'

इंटरनेट पर यौन शोषण के वीडियो को प्रसारित किए जाने के बाद की स्थिति के बारे में सीबीआई ने कहा कि रेप की घटनाओं का जो सबसे घृणित पक्ष है वह यह है कि जिस बेकस लड़की का उसकी जानकारी के बिना वीडियो बना लिया जाता है, वह उसके ऊपर लटकी एक खतरनाक तलवार की तरह होती है जिससे बचने के लिए उसके पास कोई उपाय नहीं होता। उसे नहीं पता होता कि वह किसके पास जाए जिससे उसकी और उसके परिवार की लाज बच जाए।

सीबीआई ने यह भी कहा कि देश की महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जो अपराध हो रहे हैं उन्हें बिना किसी जांच, सुनवाई और सजा के नहीं छोड़ा जा सकता। यह सरकार के कर्तव्यों और उसके कानूनी व्यवस्था के शासन के लिए एक अभिशाप की तरह ही होगा।

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