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जिंदगियां बचाने में जुटे वायुसेना के ये पायलट जोड़े
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 26 Jun 2013 02:49 PM IST
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उत्तराखंड की तबाही में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना के जवान अपनी जान पर खेल रहे हैं। इस काम में एयरफोर्स की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हेलीकॉप्टरों के जरिए ही सबसे ज्यादा लोगों को बचाया जा रहा है।
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इन्हीं जवानों में दो शादीशुदा जोड़े भी हैं जो दुर्गम परिस्थितियों और खराब मौसम के बीच उड़ान भरकर लोगों को बचा रहे हैं।
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एक मिशन पर साथ रहते हुए भी ये पति-पत्नी बहुत कम समय के लिए एकदूसरे से मिल पाते हैं लेकिन बिना कोई शिकायत हौसले की उड़ान चलती रहती है।
इन जोड़ों में एक हैं स्क्वॉड्रन लीडर्स एसके प्रधान और खुशबू गुप्ता जो वायुसेना के बचाव कार्य में दिन रात जुटे हुए हैं।
इन्हीं की तरह एक ओर जांबाज जोड़ा है स्क्वॉड्रन लीडर्स विक्रम थियागरमन ओर फ्लाइट लेफ्टिनेंट तान्या श्रीनिवास का।
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ये जोड़े वायुसेना में ही काम करते हुए मिले और चार साल पहले शादी के बंधन में बंधे। यह पहला मौका है जब कोई जोड़ा एक ही मिशन के लिए एक साथ साथ काम कर रहा है।
कम समय मिलने से शिकायत नहीं
दिनभर के काम और थकान के बाद ये जोड़े केवल शाम के समय एक दूसरे से मिल पाते हैं लेकिन फिर भी इन्हें कोई शिकायत नहीं।
एसके प्रधान और खुशबू गुप्ता कहते हैं कि वे यहां कीमती जानों को बचाने आए हैं और भारतीय वायुसेना की तरफ से दिलाई गई अपनी शपथ को निभा रहे हैं।
विक्रम थियागरमन और तान्या श्रीनिवास भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को बचाने के लिए दिनभर करीब 100 घंटे से ज्यादा की उड़ान भरते हैं।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट तान्य श्रीनिवास ने बताया कि वह इस राहत अभियान का हिस्सा बनने के लिए बेहद इच्छुक थीं।
अलग रहती है निजी जिंदगी
एसके प्रधान कहते हैं कि वायुसेना के प्रति हमारी निष्ठा ही हमें अलग बनाती है। हम कभी नहीं सोचते की हमें एक ही मिशन मिले।
तान्य श्रीनिवास ने बताया कि हमें अपने काम से निजी जिंदगी को अलग रखने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
पत्नियों की काबिलियत बनाती है बेफिक्र
प्रधान कहने हैं कि जब उनकी पत्नी खतरनाक इलाकों में उड़ान भरती हैं तो उन्हें उनकी काबिलियत पर पूरा भरोसा होता है। वहीं, थियागरामन का कहना है कि उनकी पत्नी टॉप पायलट में आती हैं और वो बस उनके लिए शुभकामनाएं देकर विदा कर देते हैं।