रतन टाटा से कोई झगड़ा नहीं मानती तृणमूल
हम लोग जमीन लेने के तरीके का विरोध कर रहे थे। बहुत से किसानों ने मुआवजे का चेक नहीं लिया है। इसलिए हमारी सरकार की प्राथमिकता अनिच्छुक किसानों को उनकी जमीन वापस दिलाना है। यदि रतन टाटा कोर्ट के बाहर ऐसे किसानों को जमीन वापस कर देते हैं तो वे बाकी 600 एकड़ में उद्योग लगा सकते हैं।