'मदरसे में होता है यौन उत्पीड़न' कहना पड़ा महंगा
केरल के तिरुवनंतपुरम की मुस्लिम महिला पत्रकार को अपनी एक फेसबुक पोस्ट की वजह से कट्टरवादियों के निशाने पर है। दरअसल, पत्रकार ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया था कि मदरसों में लड़के और लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न होता है।
पत्रकार वीपी राजीना जमात-ए-इस्लामी के मलयाली दैनिक मध्यमम में उप-संपादक पद पर कार्यरत हैं।
उन्होंने बीते 23 नवंबर को अपनी टाईमलाइन पर एक पोस्ट डाली जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी का हवाला देते हुए लिखा कि किस तरह मदरसों में शिक्षक छात्र और छात्राओं का यौन उत्पीड़न करते हैं।
और चौथी क्लास में!
राजीना ने अपने मदरसे की जिंदगी को याद करते हुए लिखा कि जब मैं पहली क्लास में थी तो वहां मौजूद शिक्षक ने सभी लड़कों से पैंट खोल कर बैठने को कहा, जिसके बाद वो हर लड़के के गुप्तांग को छेड़ते रहे।
राजीना की पोस्ट के अनुसार ये काम उन्होंने आखिरी विद्यार्थी को छेड़ लेने तक किया। राजीना ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि शिक्षक रात्रि की कक्षाओं के दौरान छात्राओं का उत्पीड़न करते थे।
उनके साथ भी ऐसा वाकया हुआ था जब वे चौथी क्लास में थी तो रात्रि की कक्षाओं के दौरान जब लाइट चली जाती थी तो एक 60 वर्षीय शिक्षक उनके साथ छेड़छाड़ करते थे।
यहां पढ़ें फेसबुक पोस्ट
बताते चलें कि राजीना पहली बार कट्टरपंथियों के निशाने पर नहीं आईं हैं। इससे पहले जब उन्होंने कोझीकोड में मुस्लिम प्रबंधकों द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल में छात्र छात्राओं के बीच में विभेद की शिकायत उठाने पर भी लोगों का निशाना बन चुकी हैं।
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