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लोकसभा चुनाव में तेलंगाना भी नहीं होगा कांग्रेस का तारणहार
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 30 Jul 2013 09:06 PM IST
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आंध्र प्रदेश के बंटवारे को कांग्रेस का राजनीतिक जुआ माना जा रहा है। चर्चा है कि काग्रेस तेलंगाना के गठन के जरिए 2014 लोकसभा चुनाव में आंध्र में अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है।
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कांग्रेस राज्य का बंटवारा इस तरह से करने की कोशिश में है, जिससे उसे सियासी फायदा हो। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि तेलंगाना के गठन के बाद उनके प्रमुख चुनावी प्रतिद्वंद्वी जगन मोहन रेड्डी का राजनीतिक गढ़ दो हिस्सों में बंट जाएगा। कांग्रेस तेलंगाना मे 10 सीटें जीतने में कामयाब रहेगी।
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आंध्र में लोकसभा की 48 सीटें हैं और 2009 में कांग्रेस ने 33 सीटों पर कब्जा किया था। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की मौत के बाद हुए राजनीतिक नुकसान की भरपाई की कांग्रेस यह एक और कोशिश होगी।
रेड्डी की मौत लाई राजनीतिक मुसीबतें
कहते हैं कि राजनेताओं को मौत न केवल इतिहास को प्रभावित करती है, बल्कि भूगोल भी प्रभावित होता है। राजशेखर रेड्डी की मौत भी इसका एक उदाहरण है।
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रेड्डी की मौत के बाद से ही कांग्रेस आंध्र में राजनीतिक दुष्चक्र से घिरी हुई है। वाईएसआर के बेटे जगनमोहन रेड्डी कांग्रेस की दो फाड़ कर चुके हैं। पार्टी राज्य में दो मुख्यमंत्री बदल चुकी है। फिर भी दक्षिण के इस किले में उसे अपनी जीत तय नहीं लग रही है।
अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए अब पार्टी ने तेलंगाना की वर्षों पुरानी मांग मान ली है। आंध्र का दो हिस्सों में बंटना तय हो गया है।
नए राज्य का दांव हो सकता है विफल
कांग्रेस के मीडिया मैनेजर मान रहे हैं कि कांग्रेस तेलंगाना का गठन करने के बाद लोकसभा चुनावों मे फायदे में रहेगी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक इससे इत्तेफाक नहीं रखते। तेलंगाना क्षेत्र में लोकसभा की 17 सीटें हैं और 2009 के चुनावों में कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं थी।
लेकिन पृथक तेलंगाना के मुद्दे पर पार्टी के टालमटोल भरे रवैये और तेलांगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के आंदोलनों ने इस समीकरण को बदल दिया।
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टीआरएस तेलंगाना में मजबूत राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है। हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में टीआरएस तेलंगाना क्षेत्र में पहले स्थान पर रही है। रॉयलसीमा और सीमांध्रा के इलाके में तेलुगूदेशम पार्टी (टीडीपी) पहले स्थान पर रही, जबकि कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही है।
आंध्र विशेषकर तेलंगाना में कांग्रेस, टीडीपी, टीआरएस और जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस के चतुष्कोणीय मुकाबले में नए राज्य का दांव कांग्रेस का फायदा पहुंचाएगा, ये कहना मुश्किल है।