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तेलंगाना राज्य: कैसी होगी गठन की प्रक्रिया?

Tue, 30 Jul 2013 09:12 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Tue, 30 Jul 2013 09:12 PM IST
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process of telangana state formation

तेलंगाना को यूपीए सरकार और कांग्रेस की मंजूरी मिलने के बाद देश के 29वें राज्य के गठन का रास्ता खुल गया है।

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तेलंगाना बनने के बाद इस नए राज्य में लोकसभा की 17 सीटें होंगी। जबकि 119 सीटें विधानसभा की होंगी। तेलंगाना में कुल 10 जिले होंगे।

शेष आंध्रप्रदेश में 25 सीटें लोकसभा और 175 सीटें विधानसभा की होंगी।

हैदराबाद को 10 साल के लिए दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी बनाया जाएगा।

पढ़ें:- तेलंगाना गठन को मंजूरी, हैदराबाद होगी संयुक्त राजधानी


कैसे होगा तेलंगाना का गठन
:- भारत सरकार का केंद्रीय मंत्रिमंडल एक प्रस्ताव तैयार करेगा। इस प्रस्ताव में यह प्रावधान होगा कि राज्य का स्वरूप किस तरह का होगा, नए राज्य और शेष राज्य के बीच परिसंपत्तियों और संसाधनों का बंटवारा किस तरह का होगा, आदि। इस प्रस्ताव को आंध्र प्रदेश विधानसभा के विचारार्थ भेजा जाएगा।
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telangana state
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:-
विधानसभा प्रस्ताव में जो संशोधन करेगी, उस पर केंद्रीय मंत्रिमंडल एक बार फिर विचार करेगा और आवश्यक तब्दीलियां करेगा।

:- एक मंत्रिमंडल समूह का गठन किया जाएगा।

:- इसके बाद मंत्रिमंडल इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल समूह को भेज देगा।

:- मंत्रिमंडल समूह प्रस्ताव में आवश्यक तब्दीलियां करने के बाद इसे कानून बनाने के लिए विधि मंत्रालय को भेजेगा।

:- विधि मंत्रालय कानून का प्रारूप तैयार करेगा।

:- इस प्रारूप को विधानसभा की टिप्पणी के लिए भेजा जाएगा।

:- विधानसभा कानून के प्रारूप पर विचार करेगी और अपनी टिप्पणियों के साथ केंद्र सरकार को वापस भेजेगी।

पढ़ें:- तेलंगाना राज्य: अब तक का सफरनामा

:- विधानसभा के संशोधनों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल विचार करेगा और आवश्यकतानुसार इस संशोधनों को कानून में शामिल किया जाएगा। (यह केंद्रीय मंत्रिमंडल के लिए बाध्यकारी नहीं है कि वह विधानसभा के संशोधनों को स्वीकार करे)

पढ़ें:- लोकसभा चुनाव में तेलंगाना भी नहीं होगा कांग्रेस का तारणहार

:- इसके बाद राज्य पुनर्गठन कानून को लोकसभा और राज्यसभा में सामान्य बहुमत से पारित करवाना होगा।

:- दोनों सदनों से पारित हो जाने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।

:- राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद तेलंगाना राज्य का गठन हो जाएगा।

:- नए राज्य के गठन के कानून के प्रावधानों के अनुरूप दोनों राज्यों की विधानसभा का गठन किया जाएगा।

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