{"_id":"1df014f1e8c2c95167a0c12437ab8f02","slug":"telangana-decision-home-ministry-alert","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेलंगाना पर फैसले के बाद गृह मंत्रालय सतर्क","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
तेलंगाना पर फैसले के बाद गृह मंत्रालय सतर्क
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2013 02:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नया तेलंगाना राज्य बनाने के कांग्रेस के फैसले बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय काफी सतर्कता बरत रहा है।
विज्ञापन
मंत्रालय ने खुफिया एजेंसी आईबी को निर्देश दिया है कि आंध्र प्रदेश राज्य आईबी वहां के सही हालात की खबर केंद्र को दे। इसके अलावा बोडोलैंड, गोरखालैंड और विदर्भ से संबंधित राज्यों में भी सभी तंत्रों को नए सिरे से सतर्क कर दिया गया है।
हालांकि मंत्रालय की दलील है कि कानून व्यवस्था से निबटने के जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। लेकिन तेलंगाना में नक्सलियों के सिर उठाने की आशंका मंत्रालय के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
विज्ञापन
अपने स्तर पर तेलंगाना का विरोध कर रहे गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि आंध्र प्रदेश में कानून व्यवस्था की कोई गंभीर समस्या नहीं पनपने वाली। लेकिन मंत्रालय के अधिकारी राज्य के भौगोलिक और एतिहासिक स्थिति को लेकर गंभीर हैं।
विज्ञापन
उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक तेलंगाना में आने वाले करीमनगर, वारंगल और आदिलाबाद जैसे जिले नक्सलियों के गढ़ रहे हैं। आंध्र प्रदेश की स्पेशल फोर्स ग्रे हाउंड्स के सफल ऑपरेशन से सभी नक्सली छत्तीसगढ़, झारखंड और उड़ीसा के जंगलों में फैल गए हैं।
पढ़ें, बंटेगा आंध्र, बनेगा तेलंगाना, हैदराबाद साझा राजधानी
अधिकारी के मुताबिक, जब तक तेलंगाना राज्य पूरी तरह से अस्तित्व में आएगा, नक्सली अपनी पकड़ मजबूत बना चुके होंगे। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश के सभी बड़े नक्सली नेता दरअसल तेलंगाना क्षेत्र से ही हैं, जहां उनकी पकड़ अभी भी बहुत ढीली नहीं हुई है।
पढ़ें, तेलंगाना राज्य: कैसी होगी गठन की प्रक्रिया?
तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया में पुलिस का विभाजन होगा तब ग्रे हाउंड्स की क्या दिशा और दशा होगी यह अभी नहीं कहा जा सकता। मंत्रालय के मुताबिक तेलंगाना के चलते नक्सल विरोधी अभियान की योजना में भी फेरबदल की संभावना है।